उझानी। अढ़ौली निवासी आठ-नौ लोग बिना सहमति के उनके बीमा करने का आरोप लगाते हुए एक्सिस बैंक पहुंच गए। उन्होंने मैनेजर समेत कर्मचारियों से शिकायत की। इसको लेकर खाताधारकों की बैंक कर्मियों से नोकझोंक हो गई। मैनेजर ने पुलिस कर्मियों को बुला लिया, तब जाकर खाताधारक शांत हुए।
मामला सोमवार दोपहर का है। कोतवाली क्षेत्र के गांव अढ़ौली निवासी खाताधारकों में सर्वेश, वीरेंद्र साहू और बबलू ने एक्सिस बैंक के मैनेजर अच्युत शुक्ला को बताया कि वर्ष 2024 में उन्होंने बैंक में खाते खुलवाए थे। उनकी कृषि योग्य भूमि एनएचएआई की देखरेख में बन रहे बाइपास के लिए अधिग्रहीत की गई थी।
मुआवजे के रूप में उनके खाते में लाखों रुपये आए थे। खाताधारकों ने बैंक कर्मियों पर बिना सहमति के भारतीय जीवन बीमा निगम और एक अन्य निजी बीमा कंपनी में बीमा करवाने का आरोप लगाया है। खाताधारक सर्वेश ने तीन लाख रुपये अधिक के अपने दो बीमा, वीरेंद्र साहू ने 3.25 लाख रुपये, शकुंतला और उनके बेटे के 2.20 लाख के बीमा किए जाने शिकायत की।
इस दौरान खाताधारकों और बैंक कर्मियों के बीच नोकझोंक भी हो गई। मैनेजर ने कोतवाली फोन कर पुलिस कर्मियों को बुला लिया। पुलिस कर्मियों ने खाताधारकों को समझाकर शांत किया। आरोप है कि बैंक कर्मियों ने केवाईसी के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की है। बैंक पहुंचे खाताधारकों में सुरेंद्र, नितिन साहू, शकुंतला पत्नी नरेश, देशराज, गौरव ने भी मैनेजर के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि वह बैंक के अधिकारियों समेत पुलिस से भी शिकायत कर चुके हैं।
अढ़ौली गांव के कुछ खाताधारक बैंक आए थे। बिना सहमति के बीमा करने का आरोप लगा रहे थे, जो गलत है। खाताधारकों की पहचान के दस्तावेज और उनकी बिना सहमति के ऐसा नहीं हो सकता। सभी के बीमा उनकी रजामंदी के आधार पर ही किए गए हैं। अगर उन्हें बीमा नहीं कराना था, तो उसी दौरान मना कर सकते थे।- अच्युत शुक्ला, मैनेजर, एक्सिस बैंक