बदायूं। शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले में आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाकर लगातार एक साल से यौन शोषण करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दूसरे समुदाय के युवक ने धार्मिक किताबें पढ़वाने, मांस खिलाने और धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की। इसके लिए वह उसके साथ मारपीट करता था। वह मंगलवार को कोतवाली पहुंची और युवक समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
शहर के एक मोहल्ला निवासी 24 वर्षीय युवती का कहना है कि आरोपी अजीम का घर उसके घर से कुछ दूरी पर है। इससे वह अजीम को अच्छी तरह से जानती थी। उसका पिता शाकिर अली जिला अस्पताल में फार्मासिस्ट है। जब वह 17 साल की थी। तब अजीम ने उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए थे।
वह लगातार उन्हें वायरल करने की धमकी दे रहा था। उसके परिवार वालों को जान से मारने की धमकी दे रहा था, जिससे वह डर गई थी। पिछले साल अजीम ने इतना दबाव बनाया कि वह उसके साथ ही चली गई। इस संबंध में युवती के परिवार वालों ने अजीम के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी लेकिन उसने दबाव में आकर अजीम के पक्ष में बयान दे दिए, जिससे पुलिस ने एफआर लगा दी।
पिछले दिनों दिल्ली में वह एक मंदिर में गई थी। तब से अजीम लगातार उस पर अत्याचार कर रहा था। वह धार्मिक किताबें लाकर उसे पढ़ने के लिए दे रहा था। उस पर बुर्का पहनने का दबाव बनाया जा रहा था। हर दूसरे दिन घर में मांस लाया जा रहा था। जबकि, उसे पता था कि वह शुद्ध शाकाहारी है। इसके बावजूद अजीम, उसका पिता शाकिर अली, मां रेशमा बेगम, भाई नदीम और बहन सायमा उस पर मांस खाने का दबाव बना रहे थे। उस पर लगातार धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जा रहा था। इसको लेकर सोमवार रात करीब 11 बजे अजीम ने उसके साथ मारपीट की। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे उसे मौका मिला तो वह घर से निकलकर कोतवाली पहुंची और आरोपियों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। इंस्पेक्टर राजेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि इसमें तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की तलाश कराई जा रही है।
एक साल बाद बेटी को देखा तो रो पड़े परिजन
- युवती को उसके परिवार वालों ने करीब एक साल बाद मंगलवार को कोतवाली में देखा, तो उनके आंसू निकल आए। वह अपनी बेटी के गले मिले। परिवार वालों के साथ हिंदू संगठन के पदाधिकारी नितिन कमठाना और उनके कई सहयोगी पहुंचे थे। उन्होंने पीड़ित परिवार का मदद का आश्वासन दिया है।