महासभा माहौर वैश्यों को ओबीसी में शामिल करने की रखेगी मांग
अखिल भारतीय माहौर वैश्य महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पुनर्गठन को लेकर माहौर वैश्य महासभा का एक राष्ट्रीय सम्मेलन गौरीशंकर सहस्त्रधाम मंदिर के पास गेस्ट हाउस में हुआ। इसमें होली मिलन के साथ ही समाज हित के प्रस्तावों को पास किया गया, जिसमें प्रदेश के साथ ही दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार आदि राज्यों के माहौर वैश्य महासभा के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
इससे पूर्व समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया। इसमें माहौर वैश्यों को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने, बृजेंद्र गुप्ता दंपति हत्याकांड के आरोपियों को जेल भेजने, वैश्य समाज के लोगों की हत्याओं पर अंकुश लगाए जाने की मांग की। सम्मेलन में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की ओर से कुछ प्रस्ताव चार प्रस्ताव पारित किए गए।
इस बारे में जानकारी देते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने बताया कि माहौर वैश्य महासभा तेहरवीं भोज, कन्या भू्रण हत्या, जिले में एक माहौर वैश्य मैरिज ब्यूरो स्थापित किए जाने और उन लोगों को पिछड़े वर्ग में शामिल किए जाने की मांग की। इस सभा में सुरेश गुप्ता, अरविंद गुप्ता, अरुण महाजन संत कुमार, दीपेंद्र, पंकज, डॉ. वीरेंद्र, संजीव, हेमंत, सिटिल, हर्षवर्धन, राजेश, शिवशंकर, महेश चंद्र, दिनेश, अमित आदि माहौर वैश्य समाज के लोग मौजूद रहे।
बृह्मानंद बने माहौर वैश्य शिरोमणि
सम्मेलन में एटा जिले के बृह्मानंद जनसेवक को माहौर वैश्य शिरोमणि घोषित किया गया। साथ ही बदायूं के कुंवरसेन गुप्ता, रामेश्यर दयाल, डॉ. जयप्रकाश गुप्ता, राम गुप्ता, वेदव्रतआर्य को माहौर गौरव सम्मान दिया गया।
तेहरवीं भोज पर पूर्ण प्रतिबंध का किया विरोध
बदायूं। शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं माहौर वैश्य समाज के पदाधिकारी नरेश गुप्ता ने बाहर से आने वाले पदाधिकारियों का स्वागत किया, लेकिन तेहरवीं भोज प्रथा का पूर्ण रूप से विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह हिंदू संस्कृति के खिलाफ है। कहा कि इस मामले में समाज के लोगों की स्वेच्छा पर निर्भर रहना चाहिए।