बदायूं। सैजनी स्थित एचपीसीएल के दो अधिकारियों को उनके ही मीटिंग रूम में घुसकर 12 मार्च को गोली मारकर हत्या करने का आरोपी अजय प्रताप सिंह अपने बाबा श्याम बहादुर के पगचिह्नों पर चल पड़ा था। भाजपा के बड़े नेता का उसके परिवार पर हाथ रहा है। ग्रामीण बताते हैं कि अजय के बाबा ने सेना के एक अफसर के भाई का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने बाबा का एनकाउंटर कर दिया था। इसके बाद परिवार गांव सैजनी आकर ननिहाल में आकर बस गया।
दो साल पहले इफको के एक अधिकारी के अपहरण के मामले में आरोपी का तहेरा भाई जेल जा चुका है। आरोपी का परिवार मूलत: शाहजहांपुर के गांव परसरा का रहने वाला था।
नेताओं की सरपस्ती के चक्कर में आरोपी अजय प्रताप सिंह किशोर अवस्था से ही धन कमाने के लालच में गांव में दबंगई करने लगा था। पिता व ताऊ भी गांव में आने के बाद से चर्चा में रहे। यही वजह रही कि आज आरोपी दो अधिकारियों की हत्या के मामले में जेल पहुंच चुका है।
जानकारों ने बताया कि आरोपी के बाबा श्याम बहादुर ने सेना के रिटायर्ड अधिकारी राजकुमार के भाई दंगल सिंह का अपहरण किया और उसकी नाक में नकेल डालकर 14 दिन तक घर में कैद रखा। इसके बाद उनकी हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने श्याम बहादुर को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया था। यह मामला करीब 45 वर्ष पहले का है।
जानकारों ने बताया कि श्याम बहादुर के दो बेटे हैं। एक आरोपी के पिता राजेश हैं, जो अपने पिता की मौत के बाद दोनोंं भाइयों और बच्चों को लेकर अपनी ननिहाल सैजनी में आकर बस गए। गांव के एक बुजुर्ग ने बताया 45 साल पहले जब यह लोग गांव आए तो राजेश के मामा ने 40 बीघा जमीन दोनों भाइयों के नाम कर दी थी। आरोपी के ताऊ ने गांव सैजनी में करीब 15 बीघा जमीन में मकान बना रखा है, जबकि आरोपी का मकान बहुत सीमित जगह में बना हुआ है।
आरोपी के परिवार के नाम गांव में है कई बीघा जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शनिवार को गांव सैजनी के साथ पास के ही गांव मुड़िया खेड़ा के कुछ लोगों से बात की तो सामने आया कि भाजपा के एक बड़े नेता ने प्लांट के आसपास दो सौ बीघा जमीन खरीद रखी है। इसमें कई बीघा जमीन आरोपी ने परिवार के लोगों के नाम करा रखी है। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी की ताई क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य रही हैं। आरोपी के ममेरे भाई भाजपा में एक नेता हैं।
पूरा परिवार प्लांट में करता आ रहा था नौकरी
एचपीसीएल के दो अधिकारियों की हत्या करने वाले अजय प्रताप सिंह के परिवार व रिश्तेदार प्लांट में नौकरी करते आ रहे थे। भाजपा नेता के कारण ही प्लांट पर पूरी तरह से इसी परिवार का कब्जा सा हो गया था। अब सभी कर्मचारी प्लांट में ही नहीं, बल्कि घर छोड़कर भागे हुए हैं।