बदायूं। मथुरा से बरेली के लिए जाने वाले हाईवे के पैकेज चार का निर्माण जल्द शुरू होगा। इसको लेकर बदायूं के 12 गांवों की जमीनों का अधिग्रहण होगा। इसके लिए एनएचएआई और निर्माण कंपनी में अनुबंध हो चुका है। अब पांच माह के अंदर ठेकेदार को काम शुरू करना होगा।
मथुरा से हाथरस होते हुए बदायूं से बरेली जाने के लिए एनएचएआई छह लेन के हाईवे का निर्माण कर रहा है। इसके चौथे पैकेज बदायूं से बरेली के बीच 37 किमी लंबे हाईवे का निर्माण किया जाना है। इसके लिए एनएचएआई और हरियाणा की धारीवाल बिल्डटेक लिमिटेड कंपनी के बीच करार हुआ है।
कंपनी को पांच माह के अंदर यानि अक्तूबर तक काम शुरू करना है। इस निर्माण पर करीब 600 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इसमें बदायूं शहर के चंदनगर, करतौली, कुतुबपुरथरा, वाकरपुर खंडहर, रहमा, डुमैरा, उझैली, रसूलपुर, ढकिया, मलिकपुर, मलगांव, घटपुरी, बिनावर गांवों में कुल 33.4310 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है।
इन गांवों के लोगों में 60 करोड़ रुपये का मुआवजा बंटना है। एडीएम वित्त एवं राजस्व के स्तर से अब तक पांच करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा भी जा चुका है। अन्य किसानों को मुआवजा बांटने की प्रक्रिया चल रही है।
यह होगी सहूलियत
बरेली से बदायूं हाईवे को चौबारी होते हुए बदायूं मार्ग से जोड़ा जाएगा। इसके बाद यह राष्ट्रीय राजमार्ग बरेली से सीधे मथुरा तक जुड़ जाएगा। ऐसे में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, एटा, कासगंज, हाथरस, अलीगढ़, बदायूं, चंदौसी, राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर और अलवर, हरियाणा के पलवल समेत अन्य जिलों के लोग आसानी से आवाजाही कर सकेंगे। इसके अलावा आगरा से बरेली की यात्रा पांच घंटे की जगह ढाई घंटे में तय हो सकेगी। इससे मथुरा, वृंदावन की ओर भी जाना आसान होगा।
एक नजर परियोजना पर
-हाथरस से कासगंज तक 57 किमी
-कासगंज से बदायूं तक 46 किमी
-बदायूं से बरेली तक 37 किमी
कुल अधिगृहीत जमीन- 33.4310 हेक्टेयर
सरकारी जमीन-2.3537 हेक्टेयर
निजी जमीन- 31.0773 हेक्टेयर
मथुरा से बरेली हाईवे के चौथे पैकेज के निर्माण के लिए कंपनी और एनएचएआई की बीच अनुबंध हो गया है। इसके लिए बदायूं के 12 गांवों की जमीन को अधिगृहीत किया गया है। किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है। कंपनी को पांच माह के अंदर काम शुरू करना होगा।
-उत्कर्ष मिश्रा, परियोजना निदेशक, एनएचएआई