बदायूं। जिम्मेदार पदाधिकारियों की राय जानने के बाद आखिरकार सपा मुखिया अखिलेश यादव ने लखनऊ से आदित्य यादव के नाम पर मुहर लगा दी। बदायूं संसदीय क्षेत्र से आदित्य यादव उम्मीदवार होंगे। वह सोमवार को नामांकन पत्र भरेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री और बदायूं से पांच बार सांसद रहे सलीम इकबाल शेरवानी और पूर्व विधायक आबिद रजा सपा के साथ आ गए। चुनाव कार्यालय पर रविवार शाम को हुई बैठक में सपा के महासचिव शिवपाल सिंह यादव के साथ दोनों नेता मौजूद रहे।
समाजवादी पार्टी ने 30 जनवरी को जारी पहली सूची में बदायूं से धर्मेंद्र यादव को उम्मीदवार घोषित किया था। लेकिन उनके स्थान पर बाद में शिवपाल सिंह यादव को उम्मीदवार घोषित किया। खुद शिवपाल सिंह यादव लड़ना नहीं चाहते थे और वह अपने बेटे को राजनीति में उतारना चाहते थे। इस मंशा को नेतृत्व के सामने भी उन्होंने जाहिर किया था। सूत्रों के मुताबिक नेतृत्व तत्काल इस पर राजी नहीं हुआ था। शिवपाल सिंह यादव ने चुनाव प्रचार करने के लिए बदायूं आने में बीस दिन लगा दिए। वह आए तो कार्यकर्ताओं के सम्मेलन हुए। इसमें आदित्य यादव के नाम पर फीडबैक लिया गया। नेतृत्व ने जिम्मेदार पदाधिकारियों की राय भी जानी। कार्यकर्ताओं ने आदित्य यादव को लड़ाने के लिए कार्यकर्ता सम्मेलनों में प्रस्ताव पारित किए। सम्मेलनों में आए बदायूं के प्रभारी पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव ने नेतृत्व को अवगत कराया। खुद धर्मेंद्र यादव ने भी पैरवी की। लगातार सकारात्मक फीडबैक आने पर रविवार को अखिलेश यादव ने आदित्य यादव का नाम फाइनल कर दिया। उनके नाम का एलान होने के बाद आयोजित बैठक में सलीम इकबाल शेरवानी और आबिद रजा ने भी सहयोग देने का एलान किया है। सपा के जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने बताया कि नामांकन पत्र तो पहले ही खरीदा जा चुका है। अब सोमवार को आदित्य यादव का नामांकन दाखिल होगा।