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लंबे इंतजार के बाद हो पाती गन्ने की तोल

Mon, 05 Dec 2016 11:09 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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लंबे इंतजार के बाद हो पाती गन्ने की तोल - फोटो : अमर उजाला
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मिल गेट के बाहर ट्रॉली छोड़कर चले जाते गन्ना किसान 
शेखूपुर चीनी मिल में पेरा जा चुका 1.29 लाख क्विंटल गन्ना 
 सोमवार को दोपहर के सवा 12 बजे के करीब सहकारी किसान चीनी मिल शेखूपुर के बाहर मैदान में तमाम ट्रैक्टर-ट्रॉलियां गन्ने की तोल कराने के लिए बाहर खड़ी हुई थीं। उनमें से अधिकांश किसान तो ट्रॉली को छोड़कर ट्रैक्टर लेकर चले गए थे, क्योंकि उनको मालूम था कि अभी तोल नहीं हो पाएगी। इससे वे लोग एक व्यक्ति को ट्रॉली के पास छोड़कर रवाना हो गए थे। 
चीनी मिल के मैदान में करीब एक सैकड़ा ट्रॉली गन्ने से लदी हुई खड़ी थी। ऐसा नहीं था कि चीनी मिल में गन्ने की तोल नहीं की जा रही थी, लेकिन कम क्षमता की वजह से चीनी मिल में खड़ी ट्रॉलियों में लदे गन्ने की पेराई होने के बाद ही गन्ने की तौल की जा रही थी। इससे किसानों को परेशानी हो रही थी। 
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यूं तो शेखूपुर चीनी मिल में गन्ना पेराई औपचारिक रूप से तो 22 नवंबर से शुरू हो गई थी, लेकिन तीन दिन तक गन्ना न मिलने की वजह से पेराई 25 नवंबर से शुरू हुई थी। चीनी मिल सोमवार तक 1.29 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की चुकी थी। इसकी पुष्टि चीनी मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी परसादी लाल ने करते हुए कहा कि अब तक निर्बाध रूप से पेराई की जा रही है और किसानों के गन्ने की तोल भी कराई जा रही है। 
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चीनी मिल में 12.5 हजार क्विंटल गन्ना पेराई की क्षमता वाले इस प्लांट की क्षमता कम होने की वजह से दिनोंदिन चीनी मिल के बाहर गन्ने की तोल कराने वाली ट्रॉलियों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिस पर हाल फिलहाल नियंत्रण होता नजर नहीं आ रहा है। क्योंकि रोजाना सैकड़ों ट्रॉलियां चीनी मिल में पहुंच रही हैं, जबकि उनमें से पेराई बहुत कम हो पा रही है। हालांकि चीनी मिल के जीएम कमल रस्तोगी का कहना है कि तीन दिन में बाहर ट्रैक्टर ट्रॉलियों की भीड़ पर नियंत्रण कर लिया जाएगा।
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