बदायूं। जिले की अनुबंधित बसें शाम पांच बजे के बाद खड़ी हो जाती हैं। आठ बजे तक तो डिपो की बसें बरेली के लिए चलतीं हैं, लेकिन उसके बाद बस नहीं मिलती। रात में अलीगढ़ व मथुरा डिपो की बसों के सहारे ही बरेली का सफर हो पाता है।
रोडवेज के बेड़े में निगम की 142 और अनुबंधित 45 बसें हैं। इनमें से 80 बसों का संचालन तो दिल्ली रूट को किया जाता है। पुरानी बसों को लोकल रूटों पर दिन भर दौड़ाया जाता है। अनुबंधित बसों का संचालन शाम पांच बजे तक ही किया जाता है। उसके बाद वह खड़ी कर दी जाती हैं। लोकल रूटों पर चलने वाली बसें भी सात बजे तक अपने किलोमीटर पूरे कर लेती हैं और चालक व परिचालक बसों को खड़ी कर देते हैं। इस वजह से आठ बजे के बाद बरेली, चंदौसी, दातागंज, बिल्सी आदि के लिए यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरेली जाने को रोडवेज स्टैंड पर खड़े राजकुमार ने बताया कि परिवार के साथ आधा घंटे से बस का इंताजार कर रहे हैं। डिपो की बस नहीं है। पूछताछ केंद्र पर बताया कि कासगंज, अलीगढ़ व मथुरा से आने वाली बस ही बरेली जाएंगी। डिपो की कोई बस नहीं है। करीब एक घंटे इंतजार करने के बाद डग्गामार वाहन का सहारा लेना पड़ा। उसमें 55 रुपये की जगह 120 रुपये प्रति सवारी किराया देना पड़ा।
कोट,
- बरेली के लिए रात में कई बसें हैं। हर आधा घंटे पर कासगंज, अलीगढ़, मथुरा डिपो की बसें आती हैं। बरेली जाने वालों को दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अगर दिक्कत है तो डिपो की बसों को भी बरेली रूट पर रात आठ बजे से बाद भी भेजा जाएगा। इस मामले की जानकारी करता हूं, ऐसी कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है।
-राजेश पाठक, एआरएम, रोडवेज