बदायूं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ जिन किसानों को मिल रहा था, उनकी किन्हीं कारणवश मृत्यु होने पर उनकी सम्मान निधि को रोक दिया जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब चयनित किसान की मृत्यु होने पर उसके वारिस को इसका लाभ दिया जाएगा।
केंद्र सरकार की तरह किसानों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना बनाई गई। इस योजना के तहत किसानों को एक साल में छह हजार रुपये दिये जाते हैं। जो तीन किस्तों में दो-दो हजार रुपये के रुप में दिए जाते हैं। इस योजना का लाभ केवल किसान को दिया जाता है। उसकी मृत्यु होने पर इस निधि को रोक दिया जाता था। ऐसी तमाम शिकायतें शासन तक पहुंच रही थी। ऐसे में शासन ने इस नियमों में बदलाव कर दिया है। अब मृतक किसान के वारिस को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। शासन स्तर से इस मामले में निर्णय लेने के उपरांत प्रमुख सचिव कृषि डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने डीएम और कृषि विभाग को पत्र जारी किया है। पत्र में किसान की मौत की सूचना के बाद आगामी किश्त को बाधिक करते हुए विभाग के फील्ड अधिकारी और तहसील प्रशासन को सूचना दी जाएगी। सूचना के बाद में राजस्व कर्मी खतौनी के वारिस का अंकन करेंगे व सत्यापन रिपोर्ट देंगे। यादि वारिस चयन में कोई विवाद नहीं होता है। तो सूचना पोर्टल पर अपलोड होगी। उसके बाद वारिश को योजना का लाभ दिया जाएगा।