बरेली-बदायूं के बीच फोरलेन निर्माण में बाधा बने चार गांवों में अतिक्रमण
हटाया जाएगा। पीडब्ल्यूडी ने इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता के
बाद 30 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है।
अतिक्रमणकारियों से कहा गया है कि
वह चेतावनी की तारीख तक अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा पुलिस प्रशासन की मदद से
अतिक्रमण हटा दिया जाएगा। इसमें अतिक्रमण हटाने पर आने वाला खर्चा भी
अतिक्रमणकारी को ही देना होगा।
बरेली-बदायूं के बीच बन रहे फोरलेन
निर्माण कार्य में तेजी आ चुकी है। यहां पेड़ काटकर रास्ते को चौड़ा करने
का काम चल रहा है। यहां बता दें कि इससे पूर्व भी मलगांव, बिनावर, विजय
नगला और रसूलपुर गांव मेें फोरलेन निर्माण से पूर्व की तैयारी में कुछ
दुकान और मकानों को चिह्नित किया गया था।
अतिक्रमण हटाने के लिए भी कहा गया
था। चिह्नित भवन अतिक्रमण के दायरे में आते हैं। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड
ने इस संबंध में सात जनवरी तक अतिक्रमण हटाए जाने के निर्देश जारी किए थे
और इस संबंध में नोटिस दिया था।
बताया जाता है कि पीडब्ल्यूडी की ओर से
प्रशासन से इस संबंध में सहयोग मांगा गया। प्रशासनिक अधिकारियों की बात
करने के बाद अब विभाग ने चेतावनी की सीमा बढ़ाकर 30 जनवरी कर दी है। इसी
आधार पर अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
अगर, इस समय सीमा
में अतिक्रमण नहीं हटाते हैं, तो पीडब्ल्यूडी प्रशासन और पुलिस के साथ
मिलकर अतिक्रमण हटवा देगी। इसमें आने वाला व्यय भी वसूला जाएगा।
पीडब्ल्यूडी की इस चेतावनी के बाद इन गांवों में अतिक्रमण हटाने को लेकर
खलबली मची हुई है।
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बरेली-बदायूं मार्ग के फोरलेन का काम
तेजी से चल रहा है। पेड़ काटे जाने के साथ रोड का निर्माण उन-उन स्थानों पर
शुरू हो गया है, जहां जगह साफ है। इस कार्य को आगे बढ़ाए जाने की कवायद के
चलते अब अतिक्रमण हटाया जाना भी जरूरी है।
-एमसी शर्मा, एक्सईएन, निर्माण खंड पीडब्ल्यूडी