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अचौरा में हालात सामान्य, चौकसी बरकरार

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अचौरा में निर्माणाधीन धर्मस्थल को लेकर पिछले दिनों पथराव और फायरिंग के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य नजर आने लगे हैं। पुलिस हालांकि अभी भी सतर्क है लेकिन वह अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखते हुए चौकसी बरते हुए है।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव अचौरा में निर्माणाधीन धर्मस्थल को लेकर जमकर बवाल हुआ था। बवाल के दौरान ही दोनों पक्ष के लोगों ने आमने-सामने आकर पथराव और फायरिंग भी की थी। धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हालात के बावजूद गांव में पुलिस फोर्स और पीएसी तैनात है। मौके पर मौजूद दरोगा जितेंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार को कोई भी धर्मस्थल परिसर में नहीं पहुंचा। सोमवार को जमीअत के उलमाओं के शिष्टमंडल ने सचिव हाफिज अब्दुल कद्दूस की अगुवाई में हालात पर गौर फरमाया था।
शिष्टमंडल में मौजूद मौलाना गुरफान की मानें तो प्रदेश अध्यक्ष अरशद मदनी को भी हालात से अवगत करा दिया गया है। परिसर का दौरा कर लौटते वक्त उलमाओं ने पुलिस फोर्स की तारीफ भी की। कोतवाल देवराज राठी ने बताया कि अचौरा में अब किसी भी तरह का तनाव का माहौल नहीं है। बावजूद इसके अफवाह फैलाने वाले दोनों पक्ष के लोगों पर भी पुलिस की नजर है। किसी ने भी माहौल को बिगाडने की कोशिश की तो कार्रवाई की चपेट में आ जाएगा।
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महिलाओं ने संभाला कृषि कार्य का जिम्मा
उझानी। अचौरा प्रकरण में नामजदगी के बाद जेल भेजे गए दोनों पक्ष के ज्यादातर लोगों का मुख्य पेशा कृषि ही है। चूंकि इन दिनों अगेती मक्का, मेंथा और सब्जी फसलों में सिंचाई की जरुरत है, लेकिन महिलाओं ने फसलों को सूखने से बचाने के लिए सिचाई और पशुओं को चारा आदि के बंदोबस्त का जिम्मा खुद ही संभाल लिया है। मंगलवार को गांव में आसपास खेतों में सिचाई करते कुछेक महिलाएं भी नजर आईं।

अचौरा के निर्माणाधीन धर्मस्थल की भूमि पर मालिकाना हक साबित होने तक उसे कुर्क करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। तब तक किसी भी पक्ष को उसमें किसी भी पक्ष को कोई नया काम करने की इजाजत भी नहीं दी जाएगी। - अनिल यादव, एसपी सिटी, बदायूं।
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