उझानी (बदायूं)। अब्दुल्लागंज निवासी करीब दो दर्जन लोगों के बैंक खातों में लाखों रुपये के अवैध लेनदेन के मामला उलझता जा रहा है। इस मामले में अब इंटेलिजेंस ब्यूरों भी कूद पड़ी है। मामले की जांच के लिए शनिवार को ब्यूरो के अधिकारियों ने आरोपी युवक से पूछताछ की। इस दौरान जिला स्तर पर एलआईयू व सर्विलांस सेल ने भी अपनी पूछताछ जारी रखी। हालांकि जांच कर रही इन एजेंसियों के हाथ खाली रहे। खातों में पैसों के भेजे जाने व इनके माध्यम से दूसरे खातों में और कैश डिलीवरी को लेकर पुलिस और सर्विलांस टीम के सवालों पर युवक से कोई खास जानकारी नहीं मिल सकी। युवक लगातार नोएडा के प्रापर्टी डीलर की भूमिका और उसके मास्टर माइंड होने की बात कहता रहा। बताता रहा कि वह केवल उसे चेहरे से पहचानता है। पर सिर्फ चेहरे से जानने पर उसने दर्जनों बैंक खातों को क्यों खुलवाया, कितने लाख या करोड़ रुपयों का लेन देन किया, किन-किन खातों में और कहां-कहां पैसे डलवाए, वह यह काम कब से कर रहा है आदि सवालों के लगातार गोलमोल जवाब देकर वह पुलिस व सर्विलांस टीम को बरगलाता रहा।
शनिवार को इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) व सर्विलांस टीम ने अब्दुल्लागंज निवासी युवक से गहन पूछताछ की। इस दौरान युवक ने नगर निवासी एक युवक के जरिए प्रापर्टी डीलर के संपर्क में आने की बात कही। बताया कि उसे प्रत्येक लेनदेन पर पांच सौ रुपया मिला करते थे। खाताधारकों को भी आर्थिक फायदा पहुंचाया जाता रहा है। हालांकि जांच एजेंसियों को इस मामले में युवक की सभी बातें रटी रटाई मालूम पड़ीं। युवक से दिल्ली के प्रापर्टी डीलर का पता पूछे जाने पर भी उसने कहा कि उत्तर मनगर में वह कहां रहता है, उसे नहीं मालूम। पूछताछ में उसने यह भी बताया कि कई खाताधारकों के एटीएम कार्ड भी उसने प्रापर्टी डीलर के हवाले किए थे। खाता से उसने रकम कहां से डाली और कहां से निकाली, यह भी प्रापर्टी डीलर के अलावा किसी को नहीं पता।
ऑनलाइन ठगी का भी हो सकता है मामला
जांच कर रही एजेंसियों ने पूछताछ के बाद ऑनलाइन ठगी और इन खातों में ठगी के पैसों के ट्रांसफर कराने व निकाले जाने का शक भी जाहिर किया है। यानी अब मामला ऑनलाइन ठगी के पैसों के ठिकाने लगाने का भी सामने आ रहा है। सर्विलांस टीम ने युवक से यह भी पूछा कि वह दिल्ली और नोएडा में कब और कहां रहा। इस पूछताछ के बाद सर्विलांस टीम ने मामले के जल्द खुलासे का दावा भी किया है।
आरोपी युवक के कुनबे के सदस्य का जहरखुरानों से संबंध
उझानी। ग्रामीणों की मानें तो आरोपी युवक के कुनबे के एक सदस्य को गाजियाबाद पुलिस काफी पहले गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वह जहरखुरानी गिरोह के लिए काम करने में काफी पहले पकड़ा गया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद वह अब कहां है, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। उसके कुनबे के ही एक और सदस्य के बारे में भी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप लगते रहे हैं। ग्रामीणों को यह भी शक है कि वह इन्हीं में किसी एक के चंगुल में फंसकर गलत काम की ओर बढ़ गया।
शनिवार को कई दौर की पूछताछ के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। मामला हवाला का नहीं लग रहा है। कुछ और सबूत जुटाए जा रहे हैं जो देर रात तक स्पष्ट हो जाएंगे। तस्वीर साफ हो रही है। हर बिंदु पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। - विनोद कुमार चाहर, प्रभारी निरीक्षक।