बदायूं। सहसवान तहसील में 2006 में बिकी जमीन को 2017 के बाद राजस्व अभिलेखों में अपने नाम दर्ज कराने के आरोप में न्यायालय के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। इसमें पूर्व स्वामी की पत्नी उर्मिला देवी, बेटे गौरव मिश्रा, सौरभ मिश्रा और तत्कालीन हल्का लेखपाल नामजद हैं। लेखपाल-कानूनगो की भूमिका भी जांच के घेरे में है।
अलीगढ़ के अतरौली के गांव कुंजलपुर निवासी नाहर सिंह ने पुलिस को बताया कि वह सहसवान के एक माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं। उन्होंने गांव फतनपुर टप्पा में 1.378 हेक्टेयर जमीन का ईश्वरसरन पुत्र रामनाथ से 28 जनवरी 2006 को बैनामा कराया था, जिसमें उनके पुत्र गौरव मिश्रा गवाह थे।
आरोप है कि 2017 में ईश्वरसरन की मौत के बाद उनकी पत्नी और बेटों ने लेखपाल-कानूनगो से सांठगांठ कर पहले से बिकी जमीन अपने नाम दर्ज करा ली। राजस्व अभिलेखों में हेरफेर का आरोप है। नाहर सिंह को इसकी जानकारी 13 मार्च 2026 को तहसील आने पर हुई। मूल बैनामा लेकर बात करने गए तो गाली-गलौज और हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई।
सीओ सहसवान अशोक कुमार सिंह ने बताया कि दस्तावेजों की जांच कराई जा रही है। विवेचना निरीक्षक हरवीर सिंह को सौंपी गई है।