बदायूं। मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव कौल्हाई में लूट का विरोध करने पर बेटे पर हमला और मां लज्जावती की हत्या करने के मामले को 48 घंटे बीतने के बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने चार संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस उनसे घटना के संबंध में जानकारी जुटा रही है। मंगलवार को पीड़ित के घर और घटनास्थल के आसपास पुलिस बल तैनात नहीं रहा। इसको लेकर पीड़ित परिवार भयभीत है।
गांव कौल्हाई निवासी राजेंद्र पाल गांव में दुकान चलाते हैं। रविवार रात करीब नौ बजे गांव निवासी अनुज अपने बड़े भाई जतन, हिमांशु और अपने मौसेरे भाई सतेंद्र और अंकित के साथ आई टेन कार से उनकी दुकान पर पहुंचे और सिगरेट मांगी। आरोप है कि इसी दौरान आरोपियों ने दुकान के गल्ले में हाथ डालकर उसमें रखे 50 हजार रुपये निकाल लिए। यह रकम प्लॉट के बयाने की थी।
राजेंद्र ने रुपये लेने का विरोध किया तो आरोपियों ने उन्हें दुकान से बाहर खींचकर मारपीट की। बेटे को पिटता देखकर मां लज्जावती बचाने पहुंचीं तो आरोपियों ने कार चढ़ाकर उन्हें कुचलकर मौत के घाट उतार दिया था। पीड़ित राजेंद्र का कहना है कि पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था, लेकिन घटना के करीब 48 घंटे बाद भी कोई भी आरोपी पुलिस गिरफ्त में नहीं आया है। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। परिजनों ने गांव में आरोपियों के खुलेआम घूमने का आरोप लगाया है।
गांव में पुलिस तैनात नहीं, सुरक्षा को लेकर चिंतित पीड़ित परिवार
राजेंद्र ने आरोपियों के खुलेआम घूमने से दोबारा कोई वारदात करने की आशंका जताई है। परिजनों के मुताबिक, लज्जावती की हत्या के बाद से पूरा परिवार दहशत में है। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से उनकी चिंता लगातार बढ़ रही है। अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस की मौजूदगी रही, लेकिन बाद में गांव में सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात नहीं किए गए। परिजनों का आरोप है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी नहीं होने से उन्हें खतरा बना हुआ है।
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पत्नी से तलाक का केस न्यायालय में, अंतिम संस्कार में भी नहीं पहुंचा ससुराल पक्ष
राजेंद्र का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा है। परिजनों के मुताबिक, दोनों करीब तीन साल से अलग-अलग हैं। पत्नी मायके में रह रही है। दोनों के बीच तलाक का मामला न्यायालय में चल रहा है। परिजनों के मुताबिक, लज्जावती के अंतिम संस्कार में भी राजेंद्र के ससुराल पक्ष से कोई व्यक्ति नहीं पहुंचा था।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित चारों टीमें लगातार उनके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहां दबिश दे रही हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना कराई जा रही है। - डॉ. हृदेश कठेरिया, एसपी ग्रामीण
पीड़ित राजेंद्र की दुकान बंद है, जबकि अन्य दुकानें खुली रहीं। संवाद
पीड़ित राजेंद्र की दुकान बंद है, जबकि अन्य दुकानें खुली रहीं। संवाद