बदायूं। अपर सत्र न्यायाधीश कुमारी रिंकू की कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या के केस में संदेह का लाभ देते हुए आरोपी विद्याराम को दोषमुक्त कर दिया। इस केस में जानबूझकर कोर्ट में झूठे गवाही देने के आरोप में गवाह देवेंद्र को पक्षद्रोही माना और उनके खिलाफ फौजदारी प्रकीर्ण वाद के अंतर्गत वाद दर्ज करने और नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण तलब करने का आदेश जारी किया है।
कादरचौक थाना क्षेत्र के ग्राम सकरी कासिमपुर निवासी मोहम्मद आसिम पुत्र रफीक अहमद ने केस दर्ज कराया कि गांव के विद्याराम पुत्र नेकसू व बंटी पुत्र विद्याराम ने जमीन बंटाई पर देने और जमीन को लेकर 15 फरवरी 2026 की रात उसके पिता रफीक को लाठी-डंडे से पीटकर घायल कर दिया था। हालत गंभीर होने पर कादरचौक के सरकारी अस्पताल से पिता को बरेली के अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
बरेली के एक निजी अस्पताल में 26 फरवरी की देर रात उसके पिता की मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करते हुए आरोपी विद्याराम के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया। अन्य नामजदों की केस में घटना के दौरान मौजूदगी नहीं मानी गई थी। कोर्ट में ट्रायल के दौरान सभी की गवाही हुई। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।
केस में गवाह नंबर चार के रूप में दर्ज गांव के देवेंद्र ने पहले अपनी गवाही में रफीक को डंडों से पीटते हुए देखने की बात कही थी, लेकिन बाद में कह दिया था कि उसने कुछ नहीं देखा। कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी विद्याराम को दोषमुक्त कर दिया। इसके साथ गवाह देवेंद्र के विरुद्ध वाद दर्ज करने का आदेश जारी किया।