अपर आयुक्त (न्यायिक) अरूण कुमार द्विवेदी ने निर्माणाधीन तहसील भवन में मानक के अनुरूप कार्य न होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने एसडीएम को निर्माणदायी संस्था की शासन से शिकायत करने का निर्देश दिया है।
निर्माणाधीन भवन में घटिया सामग्री का उपयोग और धीमी प्रगति देखकर श्री द्विवेदी ने नाराजगी जताई। उन्होंने गारद रूम, हवालात, कैंटीन और चाहरदीवारी का गहनता से निरीक्षण किया। अपर आयुक्त ने एसडीएम ओपी तिवारी को निर्देशित कि वह सारे कार्यों की फोटोग्राफी कराए और निर्माण सामग्री की तकनीकी जांच कराकर बाकायदा पत्रावली बनाए। पत्रावली को संलग्न करके निर्माणदायी संस्था की शासन को शिकायत भेजे। एसडीएम ओपी तिवारी ने बताया कि वर्ष 2011 में नया तहसील भवन बनाने को 247.89 लाख रुपये की स्वीकृति शासन ने की है। इसमें हवालात, कैंटीन, गारद रूम और चाहरदीवारी के निर्माण में 85 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। श्री तिवारी के मुताबिक कार्यदायी संस्था मनमानी तरीके से कार्य कर रही है।
अपर आयुक्त ने तहसील दिवस में भी शिकायतें सुनीं
अपर आयुक्त ने तहसील दिवस की कुछ शिकायतें भी सुनीं। उन्होंने प्रशासनिक कर्मियों से तहसील दिवस की शिकायतों का त्वरित निदान करने और शिकायतों की जांच में पूरी पारदर्शिता बरतने की हिदायत दी। एसडीएम ने बताया कि कुल 40 शिकायतें प्राप्त हुई। इनमें पांच को तुरंत निस्तारित कर दिया गया है।