बदायूं। मूसाझाग क्षेत्र में बदायूं-दातागंज रोड पर पस्तौर गौटिया गांव के पास और दातागंज क्षेत्र में भटौली व ढिलवारी गांव के बीच बरेली रोड पर हुए हादसे में दो बाइक सवारों की मौत हो गई। साथ ही एक युवक घायल हो गया। शुक्रवार रात हुए हादसों में किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी है। हादसे के शिकार हुए बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं पहना था।
मूसाझाग थानाक्षेत्र के गांव पस्तौर गौटिया निवासी अजब सिंह (25) शुक्रवार रात बाइक से करीब 12:30 बजे बदायूं से घर लौट रहा था। गांव के पास ही अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। लेकिन परिजन उसे बरेली ले जा रहे थे। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई शिवकुमार ने बताया कि करीब पांच माह पहले अजब सिंह मूसाझाग थाने में रसोइया का काम करता था। अभी खेतीबाड़ी करके परिवार का जीवन यापन कर रहा था। चार भाई व एक बहन में वह तीसरे नंबर के थे। अजब की मौत से एक बेटी व एक बेटा के सिर से पिता का साया उठ गया है।
दूसरी ओर से गांव समरेर निवासी खुर्शीद (20) पुत्र रियाज और नीलेश (25) पुत्र कल्याण शुक्रवार रात शाम दातागंज कस्बे में एक शादी समारोह बाइक से गए थे। रात करीब 11 बजे दोनों बाइक से घर लौट रहे थे। तभी दातागंज क्षेत्र में बरेली रोड पर भटौली और ढिलवारी गांव के बीच ब्लूमिंगडेल स्कूल के सामने अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में खुर्शीद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नीलेश घायल हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जेब में मिले पहचान पत्र से उनके परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने दोनों सीएचसी दातागंज में भर्ती कराया। वहां डॉक्टर ने खुर्शीद को मृत घोषित कर दिया और नीलेश की हालत गंभीर होने पर उसे बरेली रेफर कर दिया गया। परिवार के लोग रोते बिलखते सीएचसी पहुंचे।
हेलमेट लगाए होते तो बच जाती जान
बदायूं। शुक्रवार रात मूसाझाग और दातागंज क्षेत्र में हुए हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। दोनों ने बाइक सवारों ने हेलमेट लगाया था। उससे दो घंटे पहले बिसौली में हुए हादसे में मरे संभल के युवक के सिर पर भी हेलमेट नहीं था। बृहस्पतिवार रात सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में एमएफ हाइवे पर हुए हादसे में बाइक सवार दो लोगों की मौत हुई थी। वह भी हेलमेट नहीं पहने थे। अधिकांश हादसों में होेने वाली मौत के पीछे का कारण हेड इंजरी है। अगर यह लोग हेलमेट लगाए होते तो शायद जान बच सकती थी।