उझानी (बदायूं)। गंगा में मूर्ति विसर्जन करते समय एटा के तीन युवक गंगा में बह गए। काफी तलाश के बाद उनमें से दो युवकों के शव गोताखोरों ने निकाल लिए जबकि तीसरे युवक का देर रात तक पता नहीं चला।
अनंत चतुर्दशी के दिन कछला समेत कादरचौक इलाके के गंगा घाटों पर मूर्ति विसर्जन का कार्यक्रम सुबह से ही शुरू हो गया था। बदायूं समेत कई जिलों के लोग मूर्ति विसर्जन को आ रहे थे। हालांकि इनकी संख्या ज्यादा नही रही, लेकिन मूर्ति विसर्जन का यह सिलसिला रात तक चलता रहा।
एटा के जलेसर निवासी आशू (24) पुत्र मुकेश, सोनू (22) पुत्र छोटे लाल व इसी जगह का रहने वाला युवक खलीफा (18) पुत्र केशव देव भी गंगा घाट पर गणेश मूर्ति विसर्जन करने आए थे। बताया जाता है कि इसी दौरान घाट से लगभग ढाई तीन किमी दूर खजुरारा के निकट कासगंज के छोर पर तीनों युवक गहरे पानी में चले गए और गंगा की धार में बहने लगे। इसी दौरान चीख पुकार मच गई। सूचना पर पुलिस भी वहां आ गई, लेकिन तब तक तीनो युवक दूर तक बह चुके थे। इसके बाद गोताखोरों द्वारा उनकी तलाश कराई गई। रात तक उनकी तलाश चलती रही। काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने आशू व सोनू को ढूंढ लिया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। खलीफा का देर रात तक पता नहीं चल पाया। घटना के बाद युवकों के परिजन भी देर रात तक गंगा किनारे डटे थे। कछला चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार ने बताया कि देर शाम हादसा हुआ था, जिसके बाद गोताखोरों ने रात में दो युवकों के शव बरामद कर लिए। तीसरे की तलाश की जा रही है।