बदायूं। कछला गंगा स्नान को मंगलवार को कई लोग गए थे, लेकिन किसी को इसका अंदाजा नहीं था कि यह उनका आखिरी सफर होगा। इस हादसे के बाद किसी पिता की बेटी छिन गई तो कई बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया।
भोगराज के पिता लेखराज एक चीनी मिल में कर्मचारी थे। कुछ साल पहले उनकी मौत हो गई थी। बताते हैं कि उन्होंने अपने खेत में ट्यूबवेल बनवाया था और नया ट्रैक्टर खरीदा था। उनकी इच्छा थी कि घर पर इस उपलक्ष्य में कथा और भंडारे का आयोजन किया जाए। इससे पहले कि वह अपनी इच्छा पूरी कर पाते, उनकी मौत हो गई। एक जिम्मेदार बेटे का फर्ज निभाते हुए और पिता की इच्छा का सम्मान करते हुए भोगराज ने छह जून को अपने घर में कथा और फिर सात जून को भंडारा कराया था। इस आयोजन में केवल गांव के ही नहीं, बल्कि आसपास के चार-पांच गांवों के लोगों को भी दावत दी गई थी। सब कुछ ठीक चल रहा था। मंगलवार को सभी लोगों का कछला गंगा स्नान जाने का कार्यक्रम था, जिसके लिए रिश्तेदार घर पर आ चुके थे। सभी लोगों ने गंगा स्नान कर भी लिया, लेकिन वापसी का सफर छह लोगों की जिंदगी का आखिरी सफर बन गया।
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भोगराज की छिनीं मां, अनीता के बच्चे भी हुए बिन मां के
हादसे में जहां भोगराज की मां सुषमा (65) की मौत हो गई वहीं भोगराज की बहन अनीता भी काल का शिकार बन गई। भोगराज को अपनी बुजुर्ग मां के जाने का गम है तो अनीता के पांच बच्चों के सिर से उनकी मां का साया हमेशा के लिए छिन गया है। अनीता की सबसे बड़ी बेटी छाया (22) की शादी हो चुकी है तो उससे छोटा विनेश 17 साल का है। इसके बाद अनेश (15), मानवती (13) व सबसे छोटी पूनम (11) है। सब बच्चे समझदार हैं। मां की मौत के बाद उनका रो रोकर बुरा हाल है। इधर, मां और बहन दोनों की मौत से भोगराज का गम और बढ़ गया है।
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बेेटी को खोकर सदमे में है महेंद्र
अहोरामई निवासी महेंद्र खेती बाड़ी करते हैं। उनका सबसे बड़ा बेटा सोहनदेव है, जबकि उसके बाद बेटी राखी, प्रेमलता और हेमलता हैं। हादसे में जान गंवाने वाली संगीता उनकी पांचवी संतान थी। उससे छोटा एक बेटा रजत भी है। संगीता बीए थर्ड ईयर की छात्रा थी और पढ़ने में बहुत होशियार थी। पिता का सपना था कि वह पढ़ लिखकर नाम कमाएगी, लेकिन संगीता की मौत ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया।
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हादसे में यह हुए घायल
इस भीषण हादसे में भोगराज (30), उसकी पत्नी अनीता (30), श्रवणपाल (40), रोहिनी देवी (62) पत्नी शंकर सिंह, विनोद कुमार (29), बॉबी (7) पुत्र सुधीर, कमला (20) पत्नी मनोज, प्रेमलता (24) पुत्री महेंद्र, गौरव (10) पुत्र नेत्रपाल, शिवानी (11) पुत्री रविंद्र, हेमा (14) पुत्री ब्रहम सिंह, उनीशपाल (50), राममूर्ति (60), भूदेवी (25) पत्नी सत्यवीर, यादवती (40) पत्नी ब्रहम सिंह, मेहरवान (45), परशुराम (50), भगवान देवी (28) पत्नी बाबूराम, गुनगुन (7) पुत्री मनोज, ब्रहम सिंह (38) और वमनपुरा निवासी संता (38) पुत्री मेघनाथ समेत करीब 30 लोग घायल हुए हैं।
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ट्रॉली की खिड़की खोलकर निकाले गए लोग
हादसे में ट्रॉली पलटने से तमाम लोग उसके नीचे दब गए थे। तो कुछ लोग इधर-उधर बिखरकर गिर गए। हादसे को देखकर कई लोग आ गए। उन्होंने ट्रॉली की खिड़की खोलकर जैसे-तैसे सभी लोगों को बाहर निकाला। सूचना पर एसएसपी डॉ. ओपी सिंह, एसपी सिटी प्रवीन सिंह चौहान और सीओ सिटी आलोक मिश्रा भी मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया। संवाद