बदायूं। गुरुवार दोपहर सहसवान रोड स्थित एक भट्ठा परिसर में बने गड्ढे के पानी में डूबकर दो मासूम भाई-बहन की मौत हो गई। दोनों भाई-बहन भट्ठा के फड़ पर खेल रहे थे। उसी फड़ पर उनके माता-पिता ईंटें पाथ रहे थे। दोनों बच्चे काफी देर तक दिखाई नहीं दिए तो उनकी तलाश शुरू हुई। करीब दो घंटे बाद दोनों बच्चों के शव गड्ढे में मिले। उनके परिवार वालों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
इस्लामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम लभारी निवासी वीरेंद्र और उनकी पत्नी रिंकी सहसवान रोड स्थित एक भट्ठा पर ईंटें पाथने का काम करते हैं। वहीं भट्ठा परिसर में झोपड़ी डालकर पूरा परिवार रहता है। वीरेंद्र के तीन बच्चे ज्योति (7), अभिषेक (5) और हिमांशु (2) हैं। बताते हैं कि बुधवार रात इलाके में तेज बरसात हुई थी। इससे भट्ठे के फड़ पर पानी भर गया था। कच्ची ईंटें गल रहीं थीं और नई ईंटें पाथने के लिए फड़ सुखाना था। इसके लिए भट्ठा मालिक ने सुबह फड़ के एक कोने में गड्ढा खुदवा दिया, जिससे फड़ का सारा पानी में उसी में भर गया था। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे तक दंपती उसी फड़ पर ईंटें पाथने में लगे रहे। उसके बाद रिंकी छोटे बेटे को लेकर खाना बनाने के लिए झोपड़ी में चली गई। जबकि उनकी बेटी ज्योति और अभिषेक फड़ पर खेलते रहे। करीब दो घंटे बाद रिंकी ने दोनों बच्चों को खाना खाने के लिए आवाज लगाई थी। जब बच्चों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो उन्हें चिंता हुई। उन्होंने आसपास शोर मचाते हुए बच्चों को तलाशना शुरू कर दिया। इससे दर्जनों लोग जमा हो गए। उसी दौरान सुबह खोदे गए गड्ढे में अभिषेक की शर्ट दिखी। लोग गड्ढे में घुस गए और उन्होंने बच्चों को तलाश किया। तलाशी के दौरान अभिषेक की लाश गड्ढे में लाश उतराती हुई दिख गई। ज्योति की लाश गड्ढे में पानी के अंदर मिली।
परिवार वालों दोनों बच्चों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। दोनों बच्चों की मौत सुनकर परिवार वाले बेसुध हो गए। इसकी सूचना पर भट्ठा मालिक भी अस्पताल पहुंच गए। परिजन शव लेकर गांव लौट गए।
इस्लामनगर में चार-पांच भट्ठे हैं। ये हादसा कौन से भट्ठे पर हुआ है। इसका पता लगा रहे हैं। पूरी जानकारी होने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। अभी तक हमारे पास हादसे के बारे में कोई सूचना नहीं आई है। नरेंद्र कुमार, खनन अधिकारी