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उझानी बाईपास पर रोडवेज और प्राइवेट बस में भिड़ंत, हेल्पर की मौत, 40 घायल

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बदायूं। मंगलवार सुबह उझानी बाईपास पर एक रोडवेज बस और स्लीपर प्राइवेट बस आमने-सामने टकरा गईं। इस हादसे में दोनों बसों के अगले हिस्सों के परखचे उड़ गए, वहीं प्राइवेट बस के हेल्पर की मौत हो गई। हादसे में करीब 40 लोग घायल हो गए। सूचना पर एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव और कोतवाली पुलिस पहुंच गई। आनन-फानन में घायलों को जिला अस्पताल में भेजा गया। घायलों में कुछ लोगों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
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मंगलवार सुबह करीब पांच बजे एक स्लीपर प्राइवेट बस जयपुर (राजस्थान) से बरेली जा रही थी। बस में करीब 50-60 यात्री सवार थे। उस दौरान कुछ अंधेरा था। जैसे ही प्राइवेट बस उझानी बाईपास पर पहुंची कि उसने आगे चल रहे फूलगोभी लदे घोड़ा बुग्गी से ओवरटेक किया। इसी दौरान बस का पिछला हिस्सा बुग्गी में जा लगा, जिससे घोड़ा बुग्गी खाई में पलट गई। ये देखते ही बस चालक वक्शउद्दीन पुत्र वशरउद्दीन निवासी ग्राम मजनूपुर थाना भमोरा (बरेली) के हाथपैर फूल गए। उसी दौरान दिल्ली जा रही बुलंदशहर डिपो की रोडवेज बस सामने से आकर प्राइवेट बस से टकरा गई। दोनों बसों की भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि एक जोरदार धमाका हुआ और दोनों बसों के अगले हिस्सों के परखचे उड़ गए। दोनों बसों के यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे में प्राइवेट बस के हेल्पर शेरखान (40) पुत्र अशरफ निवासी राजा कॉलोनी नकटिया (बरेली) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्राइवेट बस के चालक वक्शउद्दीन समेत दोनों बसों के करीब 40 यात्री घायल हो गए। सूचना मिलते ही कोतवाली उझानी पुलिस मौके पर पहुंच गई। बाद में एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव भी आ गए। पुलिस ने आसपास के लोगों की मदद से दोनों बसों घायल हुए यात्रियों को बाहर निकाला। पहले उन्हें उझानी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे में घोड़ा बुग्गी चालक आसिम (40) निवासी ग्राम मानकपुर उझानी भी घायल हुआ है।
पुलिस ने दोनों बसों को कब्जे में लेकर बस के हेल्पर शेरखान के शव का पोस्टमार्टम करा दिया है। रोडवेज बस के चालक और परिचालक का कुछ पता नहीं चला है।

हादसे में ये यात्री हुए घायल
दो बसों की भिड़ंत में राजस्थान के सवाई माधोपुर निवासी मनोज (35) पुत्र लल्लू लाल, बरेली जिले के नवाबगंज क्षेत्र के निक्की नरायणपुर निवासी इदरीश (36) पुत्र खुर्शीद अहमद, शाहजहांपुर जिले में जलालाबाद निवासी पंकज (20) पुत्र राजेश, बरेली जिले में फतेहगंज क्षेत्र के ग्राम सोरा निवासी शादाब (29) पुत्र मुश्ताक, बरेली के भुता थाना क्षेत्र के ग्राम परेवा निवासी सीमा (31) पत्नी विजेंद्र सिंह, मोहित (20) पुत्र विजेंद्र सिंह, नबाबगंज क्षेत्र के ग्राम बरेहा निवासी इमरान (28) पुत्र मोहम्मद यासीन, बुलंदशहर जिले में शिकारपुर थाना क्षेत्र के मसुआ ड्डूआ निवासी विवेक (32) पुत्र शेषपाल, बुलंदशहर के राहुल (25) पुत्र मुकेश, बरेली में हाफिजगंज लवेड़े निवासी मुख्तरी (31) पत्नी जमील, रूबी (21) पत्नी अबरार, आंवला बरेली क्षेत्र के ग्राम मनौना निवासी अकरम (28) पुत्र मोहम्मद हनीफ, उसकी पत्नी तबस्सुम (24), बरेली सुभाष नगर निवासी मोहम्मद शकील (24) पुत्र सलीम, बरेली रामनगर निवासी मायादेवी (20) पत्नी राकेश, फैजगंज बेहटा के ग्राम भवानीपुर निवासी शंकरलाल (55) और नंदन (30), फरीदपुर बरेली के ग्राम पीपर निवासी मोहम्मद इरफान (17) पुत्र आबिद हुसैन, बिनावर क्षेत्र के ग्राम पलियाझंडा निवासी निसार अहमद (50), फतेहगंज बरेली के ग्राम सोरहा निवासी इश्त्यिाक (27) पुत्र मुस्ताक आदि लोग घायल हो गए।
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मौके पर हेल्पर की मौत, डॉक्टर ने जीवित दिखाकर किया रेफर
उझानी (बदायूं)। उझानी बाईपास पर दो बसें क्या भिड़ीं स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक के हाथ-पैर फूल गए। किसी की मरहम पट्टी कर दी तो किसी को ऐसे ही पट्टी लपेटकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इतना ही नहीं डॉक्टर ने मौके पर मरे बस के हेल्पर को जीवित दर्शाकर रेफर कर दिया। लोगों ने एतराज किया, तब उसके शव को एंबुलेंस से नीचे उतारा गया।
दरअसल प्राइवेट बस के हेल्पर शेरखान की मौके पर ही मौत हो गई थी। उसकी लाश बस की सीटों से दबी मिली थी। पुलिस ने किसी तरह शव को बस से निकालकर उझानी स्वास्थ्य केंद्र के एक कमरे में रखवा दिया। उस समय स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. गौस मोहम्मद तैनात थे। घायलों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि उन्हें रेफर करने में ही काफी समय लग गया। कुछ घायलों को घटनास्थल से ही जिला अस्पताल को रेफर कर दिया गया था। इधर, जब डॉक्टर घायलों को देखकर फ्री हुए तो उन्होंने अंत में रेफर किए गए मरीजों के साथ हेल्पर की लाश को भी एंबुलेंस में रखवा दिया। इस दौरान एंबुलेंस में बैठे घायलों ने लाश के साथ जाने से इंकार किया। एंबुलेंस चालक ने भी मना किया। जब सभी लोग विरोध करने लगे और उन्होंने हंगामा कर दिया। तब कहीं डॉक्टर ने हेल्पर के शव को नीचे उतरवाया। उधर, जिला अस्पताल में एक घायल मरीज को मृत बता दिया गया। इससे अफरातफरी का माहौल रहा।

प्राइवेट बस में लदे थे लकड़ी के तख्ते
डबल डेकर प्राइवेट में अवैध रूप से लकड़ी के तख्ते लादकर ले जाए जा रहे थे। कुछ तख्ते छत के ऊपर लदे थे तो कुछ बस की डिकी में रखे थे। जिस समय बस घोड़ा बुग्गी को ओवरटेक करके टकराई थी। तभी रस्सी से बंधे तख्ते खुल गए और बस के ऊपर से गिरने लगे। इन तख्तों की वजह से रोडवेज के अधिकतर यात्री घायल हुए थे।
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