बिल्सी। शाम को बेटे की बरात की निकासी थी और सुबह करीब 10 बजे पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिवार में छाई शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। जो नाते-रिश्तेदार बरात में शामिल होने आए थे, अब उन्हें अंत्येष्टि में शामिल होना पड़ा।
बिल्सी के गांव सुंदरनगर के 45 वर्षीय चंद्रसेन ने अपने बेटे शानू की शादी दातागंज के गांव मझिया में तय की थी। शनिवार को शानू की बरात जानी थी। चंद्रसेन के घर में काफी नाते-रिश्तेदार जुटे थे लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। काम निपटाने के बाद चंद्रसेन करीब 10 बजे नहाने को चले गए। इसी दौरान अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा। वह जमीन पर गिर गए। परिवार के लोग आनन-फानन गांव के ही डॉक्टर के पास ले गए। तब तक चंद्रसेन की मौत हो चुकी थी। चंद्रसेन की मौत से परिवार में छाईं शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। शानू की बरात भी नहीं गई। बारात में शामिल होने के लिए आए नाते-रिश्तेदारों ने सोचा भी नहीं होगा कि उनको बरात में नहीं दूल्हे के पिता की अंत्येष्टि में शामिल होना होगा। गांव का माहौल भी गमगीन बना हुआ है।