गाय, गंगा और सड़क काटने के मुद्दे पर सांसद के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले शहर विधायक आबिद रजा अब खुलकर सामने आ गए हैं। शुक्रवार को उन्होंने सांसद को चुनौती तक दे डाली। बोले, बदायूं में सांसद अपना जनाधार खो चुके हैं। उन्हें वर्ष 2019 का इंतजार नहीं करना चाहिए। अगर सांसद धर्मेंद्र यादव शहर सीट से अपनी पत्नी को लड़ाते हैं, तो वह भी अपनी पत्नी फात्मा रजा को उनके मुकाबिल उतारेंगे। उसी समय जनाधार का आकलन भी हो जाएगा।
लखनऊ से जारी वक्तव्य में विधायक ने कहा कि बदायूं की शहर सीट से सपा का टिकट सपा तय नहीं करेगी, बल्कि इसे यहां के भाजपाई तय करेंगे कि कौन मुसलमान उनके मुफीद हो सकता है। यह करके सांसद पिछले लोकसभा चुनाव का कर्ज उतारने का काम करेंगे। रही बात सांसद की पत्नी के चुनाव लड़ने की तो गाय, गंगा और सड़क के मुद्दे पर अपना मुंह न खोलकर सांसद अपना जनाधार खो चुके हैं। अभी इन मुद्दों पर जंग चल रही है। अगर उनकी बात गलत है, तो सांसद को शहर सीट से अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाकर अपने जनाधार को टटोल लेना चाहिए। इस स्थिति कें वह भी फात्मा रजा को चुनाव में उतारने को तैयार हैं।