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बदायूं दोहरा हत्याकांड: अवैध असलहों का सौदागर था अभय, राजनीतिक संरक्षण से बनाया साम्राज्य

Wed, 15 Apr 2026 01:38 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं में एचपीसीएल प्लांट के दो अफसरों की हत्या के मामले में गिरफ्तार अभय ने इलाके में अपना भय बना रखा था।  इसलिए उसके खिलाफ बोलने की कोई हिम्मत नहीं जुटा पाता था। दोहरे हत्याकांड के बाद उसका काला चिट्ठा खुला। 
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आरोपी अभय - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बदायूं के एचपीसीएल प्लांट में दो अफसराें की हत्या के आरोप में पकड़े गए अभय प्रताप सिंह का क्षेत्र में रसूख था। राजनीतिक संरक्षण के चलते वह अपना एक अलग साम्राज्य चला रहा था। यही नहीं अभय अवैध असलहों का सौदागर भी था। सोशल मीडिया पर उसके तमाम फोटो व वीडियो वायरल हो चुके हैं। राजनीतिक संरक्षण के चलते पुलिस-प्रशासन में उसकी मजबूत पकड़ थी। उसके खिलाफ कोई मुंंह खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था। पुलिस ने आरोपी अभय के बताए स्थान ग्राम मुड़सैना के जंगल के पास से एक देशी 32 बोर पिस्टल, एक मैगजीन, दो तमंचे (315 बोर), 10 कारतूस और 4 खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं।

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पुलिस की जांच में सामने आया है कि बीती 12 मार्च को मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा की हत्या के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह को घटना में प्रयुक्त असलहा उसके तहेरे भाई अभय प्रताप सिंह ने ही उपलब्ध कराए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि जिसे भी अवैध असलहों की जरूरत होती थी वह अभय से संपर्क करता था। इसके लिए अभय मनमाने पैसे भी लेता था। जल्द ही कई अन्य लोगों के नाम इस मामले में सामने आने की उम्मीद है।

राजनीतिक पकड़ से क्षेत्र में चलती थी दबंगई
आरोपी अभय प्रताप सिंह की राजनीतिक पकड़ काफी अच्छी थी। इसी के चलते वह पूरे दातागंज इलाके में दबंगई करता था। प्लांट में मारपीट, निर्माणाधीन महिला पीएसी बटालियन के गार्ड से मारपीट, सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा, ग्राम समाज की भूमि पर बाजार लगवाकर तहबाजारी वसूलने समेत कई गलत कार्यों में अभय का नाम सामने आ चुका है। केवल इस वारदात में उनके राजनीतिक आका भी नहीं काम आ सके और वह सलाखों के पीछे जा पहुंचा है।
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मुख्य आरोपी अजय का फोन पुलिस के लिए बना पहेली
इस मामले के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह का मोबाइल फोन पुलिस ने अब तक बरामद नहीं किया है। इसके साथ ही इस वारदात में कई अन्य लोगों के मोबाइल फोन बातचीत की कॉल डिटेल भी खुलकर सामने नहीं लाई जा रही है। सूत्र बताते हैं कि इस वारदात के पहले व बाद में मुख्य आरोपी अजय व अभय ने खुद के बचाव के लिए कई प्रभावशाली लोगों को फोन किए। इसमें कई पुलिसकर्मी भी हैं। अब तक फोन बरामद न होने से इस मामले से जुड़े तमाम चेहरे सामने नहीं आ सके हैं।

मारपीट व तहबाजारी वसूलने में पकड़ा गया अभय का भाई शिवम
आरोपी अभय प्रताप सिंह का सगा भाई शिवम प्रताप सिंह तहबाजारी व प्लांट के कर्मचारी के साथ मारपीट के मामले में पकड़ा गया है। इसके खिलाफ भी पहले से अपराधिक केस दर्ज है।

कोर्ट में सरेंडर करना चाहता था अभय
आरोपी अभय प्रताप सिंह पुलिस के बिछाए जाल में फंस गया। घटना के बाद से उसने करीब 50 सिमकार्ड भी बदले। जब उसने कोर्ट में सरेंडर करने की योजना बनाई तो पुलिस ने उसे पकड़ने का जाल बिछा लिया। पता लगा कि अभय आगरा या राजस्थान में है। इसके बाद एसओजी ने उसे फिरोजाबाद से पकड़ लिया।

वर्ष 2008 में शस्त्र फैक्टरी चलाते पकड़ा गया था अभय
एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि आरोपी अभय प्रताप सिंह अवैध असलहों से जुड़ा काम करता था। पुलिस ने उसे वर्ष 2008 में अवैध शस्त्र फैक्टरी चलाते हुए पकड़ा था। आरोपी के अवैध असलहों के साथ फोटो व वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इससे जुड़े अन्य लोगाें के बारे में भी पुलिस पता लगाकर कार्रवाई करेगी। 



 

यह है पूरा मामला
12 मार्च 2026 अपराह्न करीब 1:30 बजे सैजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में आरोपी अभय के तहेरे भाई अजय प्रताप सिंह ने दो अधिकारियों सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। अब तक मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह समेत कई नाम सामने आए थे। इस मामले में मुख्य आरोपी अजय समेत उसका सगा भाई केशव, तहेरा भाई अभय समेत पांच आरोपी पकड़ में आ चुके हैं।

जेल अस्पताल में अजय के साथ ही रहेगा अभय
जेल में बंद मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के साथ अब उसका तहेरा भाई अभय प्रताप सिंह भी जेल में ही रहेगा। अजय के भी पुलिस मुठभेड़ में दोनों पैर में गोली लगी थी। इससे वह जेल अस्पताल में भर्ती है।  वहीं अभय के भी पुलिस मुठभेड़ में दोनों पैर में गोली लगी है। इसके चलते उसे भी जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं अभय का सगे शिवम प्रताप सिंह दूसरी बैरक में रहेगा।

इसके पहले अजय के भाई केशव व चंद्रशेखर ने भी सरेंडर किया था। यह दोनों भी जेल में हैं। कुल मिलाकर आरोपी अजय के पांचों भाई अब जेल में सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। जेल अधीक्षक राजेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी अभय के पैर में गोली लगने के चलते उसे अस्पताल में रखा गया है।

 
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अजय के स्वास्थ्य परीक्षण की रिपोर्ट कोर्ट व एसआईटी को भेजी
हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह का स्वास्थ्य परीक्षण पूरा कर लिया गया है। डॉक्टरों के पैनल ने परीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार कर बंद लिफाफे में न्यायालय और एसआईटी को भेज दी है। अब इस रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई और निर्णय लिया जाएगा।

दातागंज क्षेत्र में 12 मार्च को सैजनी स्थित सीबीजी प्लांट में दिनदहाड़े दो अफसरों सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह को गिरफ्तार करने के बाद उसकी शारीरिक स्थिति को लेकर सवाल उठे थे। इसी को देखते हुए न्यायालय के निर्देश पर डॉक्टरों के पैनल द्वारा उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।

पैनल ने विभिन्न पहलुओं की जांच करते हुए विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में आरोपी की शारीरिक स्थिति, व्यवहार और अन्य चिकित्सकीय पहलुओं का मूल्यांकन किया गया है, जो आगे की न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अब न्यायालय और एसआईटी इस रिपोर्ट का अध्ययन कर आगे की कार्रवाई तय करेंगे। हालांकि इस बारे में अधिकारिक तौर पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।
 
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