मोबाइल कॉल पर कुशलता पूछतीं सुभाष की पत्नी। संवाद
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बदायूं। शुक्रवार को अमरनाथ में बादल फटने के कारण बाढ़-भूस्खलन में 15 श्रद्धालुओं की मौत और 50 के लापता होने के बाद अमरनाथ यात्रा पर गए बदायूं के श्रद्धालुओं के परिचितों और परिवार वाले भी परेशान रहे। शनिवार को भी दिन भर लोग अपनों की कुशलता जानने की कोशिश करते रहे।
अमरनाथ यात्रा कर सकुशल घर लौटे श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी को धन्यवाद दिया और जम्मू, पुलवामा समेत अन्य स्थानों पर फंसे बदायूं के श्रद्धालुओं की कुशलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
शहर के डीएम रोड निवासी संजीव सक्सेना की शनिवार को अमरनाथ से वापसी हुई। अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने संबंधी आपदा के बारे में उनको रास्ते में मालूम हुआ। शहर के जोशी मोहल्ला निवासी सुभाष चंद्र अपने साथियों के साथ अमरनाथ यात्रा पर हर वर्ष जाते हैं। उनका वहां भंडारा चलता है। सुभाष चंद्र और उनके साथी पुलवामा में फंसे हैं। मीराजी चौकी के पास रहने वाले राम माहेश्वरी भी अपने तीन अन्य साथियों के साथ पुलवामा में हैं।
शहर के जितेंद्र पाल, प्रतीक रस्तोगी, जितेंद्र जोशी के परिवार वालों ने भी शनिवार को इन लोगों से बात की। सभी लोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं। शनिवार को पूरा दिन अमरनाथ यात्रा पर गए श्रद्धालुओं के परिवार वाले और परिचित उनकी कुशलता जानने को लेकर परेशान रहे।
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सातवीं बार अमरनाथ यात्रा करके सकुशल लौटे विजय
आवास विकास कॉलोनी निवासी व्यवसायी विजय साहू सात बार अमरनाथ यात्रा कर चुके हैं। सातवीं बार यात्रा से वह दो दिन पहले ही लौटे हैं। शुक्रवार को यह हादसा हो गया। कहते हैं कि भगवान का शुक्र है कि वह हादसे से पहले ही वहां से लौट आए। हालांकि इस हादसे में मरने वाले लोगों के प्रति उनकी संवेदना है और वहां फंसे लोगों की सकुशल वापसी के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं।