बदायूं। आधार संशोधन प्रक्रिया ने लोगों की रात की नींद उड़ा दी है। ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक के लोग परेशान हैं। आधार संशोधन के लिए लोग मुख्य डाकघर में रात तीन बजे से लाइन लगाकर बैठ जाते हैं। यहां पर एक दिन में सिर्फ 40 लोगों के ही आधार कार्ड बनाए या संशोधित किए जाते हैं। इसके अलावा वहां पहुंच रहे करीब 400 लोग वापस किए जा रहे हैं। उन्हें फिर अगले दिन चक्कर लगाना पड़ रहा है।
स्कूल में दाखिला, राशन कार्ड बनवाना, खतौनी में नाम दर्ज कराना, जमीन बिक्री, बैंक में खाता, जन्म प्रमाण, मृत्यु प्रमाण, पेंशन समेत सभी तरह के कार्यों के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया है। आधार कार्ड तो बहुतों बने हैं लेकिन अधिकतर में कुछ न कुछ गलती हैं। किसी की जन्मतिथि तो किसी के नाम उसके अन्य डाक्यूमेंट से मेल नहीं खाते हैं। इसलिए आधार कार्ड संशोधन जरूरी हो गया है। यह काम केवल मुख्य डाकघर में हो रहा है। इस काम को करवाने के लिए लोग सुबह तीन बजे से ही मुख्य डाकघर पहुंच रहे हैं। सुबह 10 डाकघर खुलता तो वहां के गार्ड लाइन में आगे लगे सिर्फ 40 लोगों के नाम दर्ज कर लेता है और अन्य को वापस कर देता है। इस काम के लिए लोग 30 से 50 किमी दूर से आते हैं। उनके पहुंचने से पहले 40 की संख्या पूरी तो उन्हें मायूस होकर वापस होना पड़ा रहा है। इस तरह प्रतिदिन करीब 400 लोग लौट जाते हैं।
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कलेक्ट्रेट में किया हंगामा
मुख्य डाकघर में आधार संशोधन के लिए लाइन में लगे लोगों को वहां के कर्मचारियों ने दो दिन पहले वापस कर दिया था। नाराज लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर हंगामा किया तो एसडीएम सदर ने समझाकर उन्हें दोबारा डाकघर ले गए और समस्या का समाधान कराया।
एक कार्ड में लगता 15 से 20 मिनट
आधार कार्ड संशोधन कराने के लिए डाक विभाग के कर्मचारियों को लगाया है। वहां तैनात कर्मचारी ने बताया कि एक कार्ड के संशोधन में 15 से 20 मिनट का समय लग रहा है। इस वजह से दिनभर में 40 कार्ड का ही काम हो पाता है। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों के काम प्राथमिकता में किए जाते हैं।
राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए बेटे राज का आधार कार्ड में फिंगर अपडेट होना था। 30 किमी दूर से सुबह सात बजे आ गए थे, लेकिन कर्मचारियों ने जानकारी दी कि रात तीन बजे आने पर ही नंबर लग पाएगा। सुबह सात बजे आने पर भी काम नहीं हुआ। - रंजीत, गोतरा
परिवार की महिला मुन्नी का नाम आधार कार्ड में पूनावती हो गया है। उसे संशोधित कराने के लिए 23 किमी दूर से सुबह सात बजे आ गए थे। डाकघर के कर्मचारी ने 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों के आधार में संसोधन न होने की बात कहते हुए वापस कर दिया है। - हरपाल, पतसा
बच्चे के आधार कार्ड बनवाने के लिए रात दो बजे डाकघर पहुंच गए थे। पहला नंबर मेरा था। जब 10 बजे डाकघर खुला तो बताया गया कि मूल निवास लाने के बाद ही आधार कार्ड बनेगा। सबसे आगे आने के बावजूद काम नहीं हुआ। - सत्यपाल, गुलड़िया
- मुख्य डाकघर में एक ही मशीन है। इसलिए हर दिन 40 आधार कार्ड ही बनाए या संशोधित किए जा सकते हैं। आधार कार्ड में संशोधन कराने वाले पहले नंबर लगाने के लिए रात में ही आ जाते हैं। कई बार मना भी किया गया है। कहा गया कि वह डाकघर खुलने के समय पर आएं।
- नरेश अग्रवाल, पोस्टमास्टर, मुख्य डाकघर
हरपाल- फोटो : साइलेंसरों पर चलता बुलडोजर।
हरपाल- फोटो : साइलेंसरों पर चलता बुलडोजर।
हरपाल- फोटो : साइलेंसरों पर चलता बुलडोजर।