बदायूं। किशोरी के साथ अश्लील इशारे करना युवक को भारी पड़ गया। विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश दीपक यादव ने युवक को दोषी करार दिया है। उसे तीन साल की सजा के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है। दो आरोपियों को परिविक्षा अधिनियम का लाभ देते हुए एक साल तक सदाचार में रहने का आदेश दिया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला में रहने वाले व्यक्ति ने 13 जून 2023 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि रात करीब नौ बजे उसके रिश्तेदार की लड़की (16 वर्ष) छत पर खड़ी थी। पड़ोस का रहने वाला फिरोज पीड़िता को देखकर अश्लील इशारे कर रहा था। इसकी शिकायत आरोपी के पिता शहंशाह से की तो वह गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर शहंशाह और मेहंदी हसन झगड़ा करने लगे।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचक ने साक्ष्य संकलन करते हुए न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। मंगलवार को न्यायाधीश ने विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी, वीरेंद्र सिंह वर्मा, प्रदीप भारती व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद फिरोज को सज़ा सुनाई। वहीं शहंशाह और मेहंदी हसन को एक साल तक सदाचार में रहने का आदेश दिया है।