दातागंज। गांव दुधारी के पास बृहस्पतिवार दोपहर बाद बाइक सवार एक युवक डंपर की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। युवक का शव डंपर के नीचे चक्के में फंस गया। पुलिस ने क्रेन बुलवाकर बमुश्किल शव निकलवाया। घटना के बाद चालक डंपर छोड़कर भाग गया।
थाना क्षेत्र के गांव प्रसिद्धपुर निवासी प्रमोद उर्फ शुक्ले (30) दूध बेचने का काम करता था। भाई कुशलकांत ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस वे पर काम चल रहा है। बाइक लेकर भाई प्रमोद उर्फ शुक्ले बृहस्पतिवार को किसी काम से गया था। दुधारी गांव के पास मिट्टी लेकर जा रहे डंपर ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसे में प्रमोद टायर के नीचे आ गया और बुरी तरह से कुचल गया। घटना के बाद चालक डंपर छोड़कर भाग गया। हादसे के बाद भीड़ मौके पर पहुंच गई। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर अरिहंत कुमार सिद्धार्थ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। हादसा इतना भयंकर था कि युवक का शव डंपर के पहिए के चक्के में फंस गया था। शव निकालने की कोशिश नाकाम हुई तो पुलिस ने क्रेन मंगवाई। क्रेन की मदद से करीब दो घंटे के बाद शव निकाला जा सका। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के परिवार में बुजुर्ग मां-बाप और पत्नी व तीन छोटे बच्चे हैं।
अनियंत्रित होकर बाइक पेड़ से टकराई, युवक की मौत
- इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव सगवा के पास हुई घटना
- बहजोई से भतीजे के साथ बाइक से लौट रहा था गांव
संवाद न्यूज एजेंसी
इस्लामनगर। उघैती थाना क्षेत्र के गांव सोहरा निवासी विमल (30) की इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव सगवा के पास बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इसमें विमल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि भतीजा संजीव घायल हो गया।
भाई राकेश ने बताया कि भाई विमल भतीजे संजीव के साथ बुधवार को बाइक लेकर बहजोई के गांव मनैना जागरण के बाद भंडारे में गया था। देर शाम घर लौटते समय जैसे ही बाइक इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव सगवा के पास पहुंची तो सामने से आ रहे वाहन को बचाने के चक्कर में बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गई।
हादसे में विमल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि भतीजा संजीव गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को सीएचसी रुदायन भेजा, जहां विमल को मृत घोषित कर दिया गया। संजीव को जिला अस्पताल भेजा गया है। हालत गंभीर होने पर परिवार के लोग उसे बरेली ले गए, जहां उसका उपचार चल रहा है। इधर, पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।