उझानी। गोशाला फाटक के पास ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत हो गई। उसका क्षत-विक्षत शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। परिजन शव उठाकर घर ले गए और पुलिस के पहुंचने पर पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
मृतक जावेद (20) कोतवाली क्षेत्र के गांव अचौरा निवासी नावे अली का पुत्र था। बड़े भाई इंतजार अली ने बताया कि जावेद छुट्टा पशुओं से फसल की रखवाली करने के लिए अपराह्न करीब एक बजे खेत पर गया था। शाम करीब तीन बजे जावेद का शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा होने की सूचना मिली तो वह परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे।
जावेद का क्षत-विक्षत शव देख परिजन बदहवास हो गए। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही परिवार के लोग ट्रैक पर से शव उठाकर घर ले गए। घर पर पुलिस पहुंची तो पिता नावे अली समेत परिवार के लोगों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। मृतक जावेद छह भाई- बहन थे। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि छानबीन में पता चला कि बरेली- कासगंज पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत हुई है।
अचौरा में मचा घरेलू कलह होने का शोर
जावेद का रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की बात जैसे ही ग्रामीणों को पता लगी, उसी दौरान कुछ लोगों ने उसकी मौत की वजह घरेलू कलह बतानी शुरू कर दी। कहा तो यहां तक गया कि वह आपसी कलह में नाराज होकर घर से निकल गया था। मृतक के पिता नावे अली ने परिवार में किसी तरह की कलह होने से इन्कार किया है। उनका कहना है कि उनका बेटा हादसे का शिकार हुआ है।