बदायूं/उसहैत। उसहैत थाना क्षेत्र में कार में आग लगने से प्रिया भारद्वाज (27) की मौत का रहस्य सामने आने से पहले दोनों पक्षों के बीच घटना के कुछ घंटों बाद ही दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
उसहैत निवासी अर्पित भारद्वाज पत्नी प्रिया भारद्वाज का लखनऊ में पथरी का ऑपरेशन कराकर शुक्रवार देर रात घर लौट रहे थे। रात करीब 1:30 बजे उनकी कार थाना उसहैत क्षेत्र के ग्राम रहौटा के पास पहुंची ही थी कि अचानक कार से धुआं उठने लगा। अर्पित कार सेे उतर गया, लेकिन महिला की मौके पर ही आग की चपेट में आकर मौत हो गई थी। शव भी बुरी तरह जल गया था।
घटना के बाद मृतका के परिजनों ने घटना के कारणों को लेकर कई सवाल खड़े किए थे और संदेह जताया था। हालांकि शनिवार देर रात दोनों पक्षों के बीच थाने पर समझौता हो गया। प्रिया की मां व अन्य ने लिखकर दे दिया कि उन्हें कोई कार्रवाई नहीं करनी। वहीं अर्पित का अब भी जिला अस्पताल में इलाज जारी है। इधर, पोस्टमॉर्टम के बाद चिकित्सकों ने विसरा सुरक्षित रख लिया है। पुलिस महिला के फ्रीमर बोन (जांघ की हड्डी) के जरिये डीएनए जांच कराएगी। संवाद
इकलौती बेटी थी मृतका, परिवार में मातम
मृतका प्रिया भारद्वाज मूल रूप से बल्लीपुर (जिला लखीमपुर खीरी) की रहने वाली थी और अपनी मां सुमन की इकलौती संतान थी। मां सुमन ने बेटी प्रिया के नाम काफी प्रॉपर्टी कर रखी थी। उसके पिता पूरन का पहले ही निधन हो चुका है। प्रिया भमौरा (जिला बरेली) में एएनएम के पद पर कार्यरत थी, जबकि उसके पति अर्पित भारद्वाज कादरचौक सीएचसी में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर हैं। इन दोनों ने करीब ढाई साल पहले प्रेम विवाह किया था। हाल ही में दंपती ने बदायूं शहर में एक मकान भी खरीदा था।
महिला की पोस्टमॉर्टम रिपाेर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। चिकित्सकों ने बिसरा सुरक्षित रख लिया है। पुलिस महिला की फ्रीमर बोन (जांघ की हड्डी) के जरिये डीएनए जांच कराएगी। मृतका के ससुराल व मायके पक्ष ने आपस में समझौता कर लिया है। किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की गई है। इसलिए पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। - सुनील कुमार सिंह, सीओ, उझानी