बिसौली। कस्बे में आंवला रोड पर बिजली लाइन ठीक करते समय प्राइवेट लाइनमैन को करंट लग गया। गंभीर रूप से झुलसकर खंभे से नीचे आ गिरा। पुलिस उसको आनन-फानन में जिला अस्पताल ले गई। भर्ती कराने के बाद पुलिस लौट गई। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे परिवार के लोग शव देखकर बेसुध हो गए। उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव धिमरपुरा निवासी प्रेमपाल सिंह प्राइवेट लाइनमैन थे। वह बिजली के संविदा कर्मियों के साथ काम करते आ रहे थे। सोमवार को वह लाइनमैन नेत्रपाल व रजनीश के साथ बिजली लाइन ठीक करने के लिए आंवला रोड पर गए थे। प्रेमपाल खंभे पर चढ़कर फ्यूज जोड़ रहे थे। इसी दौरान अचानक करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गए।
साथी लाइनमैनों ने देरी न करते हुए उन्हें पुलिस की मदद से नगर के एक निजी अस्पताल में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद संविदाकर्मी शव को लेकर बिजली घर पहुंचे और परिजनों को सूचना दी। उधर, घटनास्थल पर भीड़ एकत्र होती देख पुलिस ने शव को सरकारी वाहन से जिला मुख्यालय भेज दिया।
परिजनों का आरोप है कि जब मृतक की पत्नी मलोदा यादव बिजली घर पहुंचीं, तो उन्हें अपने पति का चेहरा तक देखने नहीं दिया गया। इससे परिजनों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मृतक को शटडाउन बुधबाजार क्षेत्र का दिया गया था, लेकिन अधिकारियों ने उनको बदायूं रोड पर लाइन ठीक करने भेज दिया। मृतक के तीन बेटे प्रमोद, रितेश, गोपाल और दो बेटियां रितु, सुषमा हैं। पत्नी मलोदा यादव का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद से क्षेत्र में बिजली निगम के प्रति भारी आक्रोश है। परिवार के लोग जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
परिजनों ने बिजली निगम के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा व सरकारी सहायता देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सही शटडाउन पर काम कराया गया होता तो आज यह हादसा नहीं होता।
कोतवाल ने जताई नाराजगी तो एसडीओ ने प्रपोजल भेजने की कही बात
कोतवाली में पहुंचकर एसडीओ अमित गुप्ता और जेई मियां कुरैशी ने इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह पुंडीर को पूरी स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मृतक निगम का कर्मचारी नहीं था। इस पर कोतवाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि फिर उससे निगम का कार्य कैसे कराया जा रहा था। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। एसडीओ ने बताया कि पांच लाख का प्रपोजल बनाकर निगम को भेजा जाएगा। दिलाने का पूरा प्रयास करेंगे।
प्रेमपाल का फाइल फोटो।
प्रेमपाल का फाइल फोटो।