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28 महीने में भी पूरी नहीं हुई मजिस्ट्रेटी जांच

Sun, 13 Mar 2016 12:32 AM IST
रजनीश रिंकू पांडेय/ बदायूं।
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डबल मर्डर मामला - फोटो : अमर उजाला
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डबल मर्डर मामला, अस्पताल के छह डॉक्टर हैं संलिप्त
घायल सपा विधायक हाजी मोहम्मद इरफान की मौत को लेकर प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया है। अब देखना यह है कि इस जांच का क्या होगा? जिला अस्पताल से जुड़ी एक अन्य ऐसी ही जांच की बात करें तो यह 28 महीने से लटकी हुई है। हालांकि, नियमानुसार जांच दो महीने में पूरी हो जानी चाहिए। जांच में देरी होने से दोषियों को सजा भी नहीं मिल पा रही है।
नवंबर, 2013 में हिस्ट्रीशीटर नईम उर्फ राजा ने जिला अस्पताल में भर्ती करने के दौरान शहर के मोहल्ला खंडसारी में भाई-बहन की हत्या कर दी थी। हिस्ट्रीशीटर जेल से इलाज के बहाने जिला अस्पताल में भर्ती हुआ था। हालांकि उसे कोई तकलीफ नहीं थी। फिर ने डॉक्टरों ने उसे अस्पताल में करीब 25 दिन भर्ती रखा था। मामला पेचीदा था। बताया गया था कि इसमें अस्पताल के छह डॉक्टरों की संलिप्तता भी रही। ऐसे में डीएम ने इसकी मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया था। यह जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी है। हिस्ट्रीशीटर को एक विधायक का संरक्षण हासिल था। उसकी मदद करने वाले डॉक्टरों को यह माननीय बचाते रहे। 
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शहर के इस चर्चित डबल मर्डर को 28 महीने बीत चुके हैं। हत्यारोपी हिस्ट्रीशीटर नईम उर्फ राजा भी गैंगवार में मारा जा चुका है, लेकिन जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी है। अगर सपा विधायक मोहम्मद इरफान की मौत के मामले में डॉक्टरों की लापरवाही की जांच की यही रफ्तार रही तो जिम्मेदारों को जल्द सजा मिलने की उम्मीद नहीं की जा सकती। हालांकि, जांच कर रहे एडीएम प्रशासन एके श्रीवास्तव का कहना है कि जांच रिपोर्ट लगभग तैयार है। एक-दो दिन में यह डीएम को सौंप दी जाएगी। 
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विधायक की मौत के मामले में जल्द जांच करने का आदेश दिया है। इसमें देरी नहीं की जाएगी। डबल मर्डर संबंधी मजिस्ट्रेटी जांच पर मेरी एडीएम प्रशासन से बात हुई है। उन्होंने बताया है कि जांच पूरी हो गई है। इस मामले में भी अब जल्द कार्रवाई की जाएगी। -शंभूनाथ, डीएम
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