बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों और नर्सिंग के छात्रों के बीच हुए विवाद की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। इसी बीच 11 जूनियर डॉक्टरों को निष्कासित कर दिया गया है। वहीं नर्सिंग छात्रों से कमेटी ने पूछताछ की है।
मेडिकल कॉलेज में रविवार को बीएससी नर्सिंग के छात्रों और जूनियर डाक्टरों के बीच लंच के दौरान विवाद हो गया। कहासुनी हुई तो कॉलेज प्रशासन ने दोनों पक्षों को वहां से अपने-अपने कमरों में भेज दिया। इसके बाद दिन में 11.50 बजे जूनियर डॉक्टर एकत्र हो गए और नर्सिंग के छात्रों के कमरे के नीचे पहुंचकर ईंट-पत्थर फेंकने लगे। नीचे मिल गए छात्रों को पीटकर घायल कर दिया। एक छात्र को जमीन पर गिराकर ईंट व बैल्ट आदि से पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो सामने आया कि डॉक्टरों ने तो जानलेवा हमला छात्रों पर किया है। सिविल लाइंस पुलिस ने छात्र वीर प्रताप यादव की तहरीर पर डॉक्टर मेघाशूं सिंह, शिवांग मणि त्रिपाठी, अखिलेश यादव, तुसार, रवि गुप्ता, रितुराज सिंह, सविन्दल, अभिषेक गिरि, रवि सिंह व अजात डाक्टर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। सोमवार को छह डॉक्टरों को गिरफ्तार कर उनका शांति भंग में चालान किया गया।
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कमेटी ने दर्ज किया बयान
सोमवार रात को मेडिकल प्रशासन ने 11 जूनियर डॉक्टरों का निष्कासित कर दिया। नर्सिंग छात्रों पर हुई कार्रवाई के बारे में अधिकारिक तौर पर जानकारी नहीं दी जा रही है। इस पूरे मामले की जांच के लिए मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर विपिन कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की है। इसमें टीम ने डॉ. विपिन कुमार, डॉ. श्रीनिवासन, डॉ. मनीष, डॉ. शिवम व डॉ. सुचिता यादव हैं। जांच टीम ने अपना शुय कर दिया है। उन्होंने कुछ छात्रों के बयान दर्ज किए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही विभागीय कार्रवाई अमल लाई जाएगी।
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प्राचार्य ने की कार्रवाई
- प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. अरुण कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 11 जूनियर डॉक्टरों को निष्कासित कर दिया है। इसके अलावा पांच सदस्यीय टीम को पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।