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Budaun News: केसीसी ऋण जमा कराने के नाम पर किसान से तीन लाख की ठगी

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बदायूं। किसान से केसीसी पर लिया ऋण जमा कराने के नाम पर गांव के दो लोगों ने तीन लाख रुपये की ठगी कर ली। फर्जी तरीके से उसको 2.80 लाख रुपये की रसीद भी दे दी गई। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने गांव के ही दो लोगों समेत सहसवान स्टेट बैंक शाखा शहबाजपुर के प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव करियाबैन निवासी माली सिंह ने बताया कि उसका व उसकी माता हर प्यारी के नाम से भारतीय स्टेट बैंक शाखा शहबाजपुर सहसवान में संयुक्त खाता है। खाता केसीसी पर लिए ऋण का है। गांव निवासी प्रेमपाल व उसकी पत्नी सावित्री ने दोनों खातों को बंद करने के लिए तीन बार में तीन लाख रुपये लिए।
कहा कि ब्याज माफ होकर तुम्हारा केसीसी खाता बंद करा दिया जाएगा। अनपढ़ होने की वजह से उसने तीन लाख रुपये दे दिए। दोनों ने दो रसीदें 2.80 लाख की दीं। कहा कि जल्द ही खाता बंद हो जाएगा। उधर, जब ऋण जमा नहीं हुआ तो किसान ने रुपये वापस मांगे, जिसे लौटाने से दोनों ने मना कर दिया। पुलिस ने बैंक मैनेजर समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।
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खाते का नंबर हासिल कर लाखाें निकाले
- पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शुरू की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। साइबर ठग ने जानवरों की दवा व फूड सप्लीमेंट बनाने वाली कंपनी से लाखों रुपये ठग लिए। ठगाें ने डिस्ट्रीब्यूटर्स बन कंपनी के निदेशक के खाते व सिम नंबर हासिल कर लिया। फिर भुगतान के लाखों रुपये निकाल लिए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फार्मा स्वीटीकल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक रोहित शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी फर्म के नाम से भारतीय स्टेट बैंक शाखा अर्जुन नगर दातागंज में खाता है। उनका मुख्य काम जानवरों की दवाई एवं फूड सप्लीमेंट बनाने का है। फर्म के दूसरे डायरेक्टर राजीव कुमार शर्मा हैं। बकौल रोहित- छह माह पहले दीपक कुमार, पीएसी बटालियन, गेट नंबर दो के सामने, मैनपुरी रोड इटावा से फोन पर संपर्क हुआ। उसने डिस्ट्रीब्यूटर बनकर अन्य अपने परिचित साथी अनिल कुमार व रोशनलाल को भी जोड़ लिया। दोनों से दीपक ने बात कराई और डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेकर उक्त लोगों ने अच्छा काम करने का वादा किया।
उक्त लोगों ने माल के आर्डर का भुगतान देने के लिए खाता संख्या व नेट बैंकिंग के लिए सिम का नंबर हासिल कर लिया। दोनों ठगों ने सौ रुपये डालकर खाता चेक भी किया। 14 अगस्त को दो हजार रुपये खाते में डालकर वापस कर लिए। इसके बाद 16 अगस्त को कई बार निदेशक के खाते में लाखों रुपया डाले गए और तुरंत तमाम बैंक खातों से रुपये ट्रांसफर कर लिए गए।
निदेशक रोहित के पास बैंक से फोन आया कि उसके खाते से लाखों रुपये का लेनदेन हुआ है, तब उन्हें ठगी का पता चला। शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। कितना रुपया ठगों ने निकाला है इसका जिक्र तहरीर में नहीं है।
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