स्काउड भवन में आयोजित बैठक में मौजूद पेंशनर्स। संवाद
बदायूं। राजकीय सिविल पेंशनर्स परिषद का स्थापना दिवस व इसके संस्थापक स्वर्गीय त्रिपुरारी शरन का जन्म दिवस पेंशनर्स ने संयुक्त रूप से धूमधाम से मनाया। पेंशनर्स ने कहा कि पेंशन कर्मचारियों का हक है, जो सेवानिवृत्ति पर उन्हें हर हाल में मिलनी चाहिए। यह उनके बुढ़ापे की लाठी है। इस दौरान पेंशनर्स को सम्मानित भी किया गया।
राजकीय सिविल पेंशनर्स परिषद के जिलाध्यक्ष प्यारे सिंह यादव की अध्यक्षता में कार्यक्रम स्काउट भवन में हुआ। इसमें 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनर्स कांता प्रसाद राठौर, राम स्वरूप, भुवनेश सिंह व गंगा सिंह पाल को प्रतीक चिह्न, छाता, टॉर्च देकर व माल्यार्पण कर शाॅल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। साथ ही दो मेधावी छात्र हर्ष चतुर्वेदी और छात्रा प्रगति शर्मा को सम्मानित किया गया। दो स्काउट गाइड भी सम्मानित किए गए।
भारत स्काउट व गाइड प्रदेश उपाध्यक्ष महेशचंद्र सक्सेना ने कहा कि किसी संस्था को उच्च शिखर पर ले जाने के लिए पदाधिकारियों का ईमानदार होना अनिवार्य है। ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष कवि माधव मिश्र ने कहा कि कर्मचारी लगभग 30 से 40 वर्ष तक राजकीय सेवा करने के उपरांत पेंशन का हकदार होता है। उसकी पेंशन ही बुढ़ापे की लाठी है। मोहन स्वरूप गुप्ता ने कहा कि अच्छे नेता मार्ग बनाते हैं और महान नेता राह दिखाता है। इस मौके पर परिषद के उपाध्यक्ष महेश मित्र, कोषाध्यक्ष गुलाब सिंह राठौर, संरक्षक सुरेश चंद सक्सेना, आचार्य प्रताप सिंह भीमसेन सागर आदि मौजूद रहे।