बदायूं। पर्यावरण संरक्षण और नदियों के पुनर्जीवन के लिए प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। जिलाधिकारी अवनीश राय की अध्यक्षता में आयोजित जिला पर्यावरण, पौधारोपण एवं जिला गंगा समिति की बैठक में सोत एवं अरिल नदी के पुनरोद्धार के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि वे शीघ्र विस्तृत योजना बनाकर सचिव, जिला गंगा समिति को उपलब्ध कराएं।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि नदियों का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी पुनर्जीवन की कार्ययोजना में जल संरक्षण, अतिक्रमण की स्थिति, अपशिष्ट प्रबंधन और जनसहभागिता जैसे बिंदुओं को विशेष रूप से शामिल किया जाए।
वन विभाग को निर्देशित किया गया कि जिले में दो-तीन आदर्श स्थलों का चयन कर उन्हें मॉडल के रूप में विकसित किया जाए और वहां सुनियोजित, वैज्ञानिक पद्धति से वृहद वृक्षारोपण कराया जाए। इन स्थलों को पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करने की रणनीति भी तैयार करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संबंधित विभाग स्थलों की सूचना और अंतरविभागीय जांच रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराएं, ताकि रोपित पौधों की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।