बदायूं। महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ी पहल करते हुए लखपति दीदी योजना की शुरुआत की है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे अपने परिवारों के साथ सम्मानजनक और समृद्ध जीवन जी सकें।
जिले में इस योजना के तहत 97000 महिलाओं का चयन किया गया है। इन सभी महिलाओं को प्रशिक्षित कर विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनकी वार्षिक पारिवारिक आय कम से कम एक लाख रुपये तक पहुंच सके। इससे अभी तक करीब 46610 महिलाओं को विभिन्न रोजगार से जोड़ा जा चुका है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत इन महिलाओं को प्रशिक्षण, कौशल विकास, वित्तीय सहायता और विपणन (मार्केट) से जुड़ाव की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। योजना के माध्यम से चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण के बाद एक से पांच लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
महिलाओं को दिया जाता है प्रशिक्षण
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की तरफ से योजना में चयनित महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए आमंत्रित किया जाता है, जहां उन्हें नए और उन्नत कौशल सिखाए जाते है। प्रशिक्षण के बाद उन्हें ब्याज मुक्त ऋण के साथ उनके उत्पादों और सेवाओं की बाजार तक पहुंच सुनिश्चित कराने में भी सहायता दी जाती है। इस पहल से महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि उनके परिवारों की आय, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
बदलेगा परिवारों का आर्थिक व सामाजिक स्वरूप
इस योजना का प्रभाव केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवनस्तर पर भी सकारात्मक असर डालेगा। सरकार का मानना है कि जब एक महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो पूरा परिवार और समुदाय आगे बढ़ता है।
स्वयं समूह सहायता के माध्यम से महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। विभिन्न योजनाओं से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। जिले में करीब 19 हजार समूह हैं, जिनमें करीब दो लाख महिलाएं जुड़ी है। - बृजेंद्र शुक्ला, उपायुक्त स्वत: रोजगार