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गन्ना किसानों को परेशान करने पर तुुली है सरकार: राजवीर
भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- हजारों गन्ना किसानों का करोड़ों रुपये बकाया
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जौदान ने आज यहां कहा कि जल्द ही किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाए। उन्होंने गन्ना किसानों की समस्याओं के लिए सीधे तौर पर केंद्र और राज्य सरकार को दोषी ठहराया। कहा, सरकार गन्ना किसानों को परेशान करने पर तुली है।
मालवीय आवास पर महापंचायत में उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से देश का अन्नदाता दोराहे पर खड़ा है। किसानों की समस्याओं को लेकर कोई सरकार गंभीर नहीं है। प्रदेेश अध्यक्ष ने कहा कि सूबे के हजारों गन्ना किसानों का करोड़ों रुपये चीनी मिलों पर बकाया है। अन्नदाता को हमेशा से सरकारें वोट बैंक की नजर से देखती रही है। प्रदेश महासचिव विजेंद्र सिंह यादव ने कहा यदु शुगर मिल बुलंदशहर, मुरादाबाद, संभल समेत अन्य जिलों से गन्ना खरीद रही है। जबकि जिले के किसान त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि डीएम बाहर से आने वाले गन्ने के लिए जिले की सीमा पर चौकी स्थापित करवाएं। अगर ऐसा नहीं होता है तो किसान यदु शुगर मिल नहीं चलने देंगे। बरेली मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने कहा कि जिले में ट्यूबवेल कनेक्शनों के लिए जो उपकरण केंद्र से दिए जाते हैं, वे किसानों को पूरे नहीं मिलते, इसमें करोड़ों रुपये का गोलमाल किया जाता है। मंडल उपाध्यक्ष सौदान सिंह ने कहा कि नोड्यूज के नाम पर कई बैंकों में घुमाया जाता है। इसमें चार से पांच हजार रुपये किसानों को व्यर्थ में व्यय हो जाता है। भाकियू जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह ने आरोप लगाया कि चकबंदी विभाग किसानों से हजारों रुपये ठग रहा है। इस मौके पर संभल जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव, जयपाल सिंह (कासगंज ), अरविंद शाक्य (फर्रुखाबाद), आदेश शंखधार (रामपुर), वेद प्रकाश शर्मा, मनोज चौधरी आदि मौजूद रहे।
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फर्जी मुकदमे हों वापस: प्रदेेश अध्यक्ष
बदायूं। मालवीय आवास पर महा पंचायत के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जौदान ने कहा कि गन्ना किसानों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। किसान अपने घर से गन्ना लेकर नहीं आ रहा है। जो बीज दिए उन्हीं से जो गन्ना हुआ, वही यह है। इसे हर हाल में चीनी मिलों को लेना होगा।
कहा कि यदु शुगर पर जो घटना हुई, वो दुर्भाग्य पूर्ण है लेकिन वहां पर किसानों के ऊपर जो फर्जी मुकदमे लगाए गए हैं। उन्हें तत्काल वापस लिया जाए। चकबंदी के नाम पर किसानों का शोषण किया जा रहा है। ये किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारी अपनी कार्यशैली में बदलाव करें। अन्यथा भाकियू आंदोलन करने पर बाध्य हो जाएगी।