अब्दुल्लागंज में सोमवार को तुलसी और शालिग्राम का विवाह धूमधाम से हुआ। मथुरा से शालिग्राम बारात लेकर पहुंचे तो बैंडबाजों पर भजनों की रसधार बहने लगी। भक्तों ने नृत्य कर समा बांध दिया। सात फेरों की रस्म भी हुई।
मथुरा से शालिग्राम की बारात लेकर सतीश चंद्र और उनके नाते-रिश्तेदार पूर्वाह्न में अब्दुल्लागंज पहुंचे। वधू पक्ष की ओर से ओमप्रकाश शर्मा और उनके परिजनों समेत बड़े हनुमान मंदिर के महंतों ने स्वागत किया। बारात चढ़त के दौरान घोड़ा-बग्गी पर शालिग्राम को लेकर महंत राजीव लोचन सवार हुए। बारात गलियारों में होकर बड़े हनुमान मंदिर पहुंची तो बारातियों ने बैडबाजों की धुन पर नृत्य किया। वधू पक्ष की महिलाओं ने तिलक वंदन की रस्म को पूरा किया। बारातियों ने लजीज पकवान का लुत्फ उठाया। तुलसी और शालिग्राम के सात फेरों की रस्मों को महंत कमलाकांत महाराज और रामदास बाबा ने मंत्रोच्चार के बीच पूरा कराया। कन्यादान के लिए महिलाओं की खासी भीड़ रही। इस मौके पर धर्मेंद्र कुमार शर्मा, ममता शर्मा, कन्हैया शर्मा, आरती शर्मा, के प्रधानाचार्य अनिल कुमार शर्मा, प्रधान रचना मिश्रा आदि मौजूद रहे।