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फर्जी लाइसेंस से मेडिकल स्टोर चलाना पड़ेगा महंगा

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फर्जी लाइसेंस से मेडिकल
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स्टोर चलाना पड़ेगा महंगा
ऑन लाइन होंगे जिले के सभी मेडिकल स्टोर, दूसरे लाइसेंस से नहीं बिकेगी दवा
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। अब कोई भी दवा विक्रेता किसी दूसरे के लाइसेंस पर मेडिकल स्टोर नहीं चला सकेगा और न ही दवा की बिक्री कर सकेगा। अगर ऐसा करते पाया गया, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय है। इस तरह का फर्जीवाड़ा करने पर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होगी।
जिले के सभी मेडिकल स्टोर का डाटा वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। जिले में कई मेडिकल स्टोर बंद हो चुके हैं पर उनके लाइसेंस पर दूसरा मेडिकल स्टोर चल रहा है। यानि मेडिकल स्टोर किसी का है और कागजात कहीं के दिखाए जा रहे हैं। इसे रोकने के लिए ड्रग एवं औषधि विभाग की ओर से सभी मेडिकल स्टोरों का ऑन लाइन पंजीयन औषधि विक्रय लाइसेंस सिस्टम पर अपलोड किया जा रहा है। इसके लिए सभी मेडिकल स्टोरों पर कार्यरत कर्मचारी, फार्मेसिस्ट, कॉम्पीटेंट पर्सन और भवन के संबंध में कागजात देने होंगे। यहां तक कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली के अनुसार लाइसेंस निर्गत होते समय या लाइसेंस निर्गत होने के पश्चात मेडिकल स्टोर स्वामी को अपने लाइसेंस, भवन और स्वामित्व के संबंध में सभी अभिलेख देने होंगे। मेडिकल स्टोर के संबंध में प्रत्येक कार्य ऑन लाइन होंगे।
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ड्रग एवं औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार का कहना है कि विक्रय प्रतिष्ठानों और उन पर कार्यरत फार्मेसिस्ट, कॉम्पीटेंट पर्सन का पंजीयन ऑन लाइन औषधि विक्रय लाइसेंस सिस्टम पर होगा। इसके लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त 2018 घोषित की गई है। पकड़े जाने पर संबंधित मेडिकल स्टोर स्वामी का लाइसेंस निरस्त होगा।
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