फोटो: 16 बीडीएन 40
रुदायन के अनंत जौहरी ने
रोशन किया देश का नाम
11 घंटे 45 मिनट में पूरी की अंतरराष्ट्रीय कामरेड अल्ट्रा मैराथन दौड़
अमर उजाला ब्यूरो
बिसौली (बदायूं)। हौसले बुलंद हों तो हर मंजिल आसान हो जाती है। यह इंजीनियर अनंत जौहरी ने साबित कर दिखाया है। उन्होंने केपटाउन में 10 जून को हुई 91 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय कामरेड अल्ट्रा मैराथन दौड़ पूरी कर परिवार ही नहीं जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
तहसील क्षेत्र के कस्बा रुदायन के रहने वाले अध्यापक भगवान स्वरूप जौहरी के सबसे छोटे बेटे अनंत जौहरी छोटी- छोटी पगडंडियों पर दौड़कर अपना शौक पूरा करते थे। परिजनों के मुताबिक अनंत का शुरू से ही सपना धावक बनने का था। मगर परिस्थितियों के कारण उन्हें ऐसा मौका नहीं मिला। रुदायन से प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के बाद इंजीनियरिंग की डिग्री मथुरा इंजीनियरिंग कॉलेज से की। इसके बाद उन्होंने सी टेक की डिग्री पुणे से हासिल की। यहीं से नीलेण्ट टेक्नो कंपनी में इंजीनियर की नौकरी मिल गई। कंपनी ने अच्छी कार्यशैली देखते हुए अनंत को दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन भेज दिया। इंजीनियर बनने के बाद भी अनंत ने दौड़ना नहीं छोड़ा। वह लगभग रोज सुबह दौड़ने जाते हैं। अनंत ने केपटाउन में आयोजित मैराथन दौड़ में हिस्सा लिया और 42 किलोमीटर की दूरी पांच घंटे में आसानी से पूरी कर ली। इसके बाद पीटर मेरिडवर्गस में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कामरेड अल्ट्रा मैराथन दौड़ हुई। यह दौड़ 91 किलोमीटर की थी, जिसे अनंत ने 11 घंटे 45 मिनट में पूरा किया। इसमें 61 देशों के 20 हजार लोगों ने भाग लिया था। अकेले भारत से कुल 161 लोग शामिल हुए थे। वह इस दौड़ को पूरी करने वालों में सबसे युवा प्रतिभागी रहे।