शासन की मंशा के अनुरूप सरकारी विभागों का खाता राष्ट्रीयकृत बैंकों में होना चाहिए लेकिन जलनिगम के अधिकारियों ने शासन के आदेेशों का पालन नहीं किया। खाते को सरकारी से बंद कर प्राइवेट बैंक में खोल दिया।
यहां बता दें कि जलनिगम का खाता अब तक पंजाब नेशनल बैंक में था। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने उस खाते को बंद कराकर आईसीआईसीआई बैंक में खुलवा दिया। विभागीय अधिकारियों ने सीडीओ को पत्र जारी किया। साथ ही बताया कि अब से विधायक निधि के अंतर्गत होने वाले विकास कार्यों की धनराशि नए खाते में भेजी जाए। इसको लेकर सीडीओ ने डीआरडीए पीडी को आख्या देने को कहा। बात बढ़ती इससे पहले ही एक बार फिर खाते को राष्ट्रीयकृत बैंक में खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रभारी सीडीओ सेवाराम चौधरी का कहना है कि जानकारी की गई तो पता चला कि वाकई खाता शासन की मंशा के विपरीत खुलवाया गया था। इसको लेकर जलनिगम एक्सईएन को बुलाया गया है। उनसे पीएनबी में खाता खुलवाने के लिए कहा है। खाता पीएनबी में खुल जाने के बाद ही बजट जारी किया जाएगा।