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बाजार में खूब बरसा धन, जमकर हुई खरीदारी

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खरीदारी - फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। धनतरेस को बाजार पर जमकर धन की वर्षा हुई। जीएसटी लगने से महंगाई के बावजूद खरीदारों का उत्साह कम नहीं हुआ। लोगों ने जमकर सोने चांदी के जेवरात, चांदी के बर्तन और सिक्के खरीदे। इस बार सोने चांदी की अपेक्षा बर्तनों के प्रति लोगों का रुझान कुछ कम रहा। श्रीलक्ष्मी-गणेश और कुबेर की मूर्तियों के दाम पिछले साल की अपेक्षा करीब 50 फीसदी ज्यादा रहे। छोटी मूर्तियां भी 100 रुपये से कम में नहीं बिकीं। मूर्तियों का अधिकतम मूल्य 5000 रुपये तक रहा। नगर का बाजार देर रात तक गुलजार रहा। बड़ा बाजार, सराफा बाजार, ओवर ब्रिज, और बाबूराम मार्केट में सबसे अधिक भीड़ रही। बाजार पर जीएसटी का कोई खास असर नहीं दिखा।
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शहर के ऑटो बाजार में भी काफी रौनक रही। लोगों ने धनतेरस के लिए पहले ही दोपहिया और चौपहिया वाहनों की बुकिंग करा ली थी। धनतेरस के दिन गाड़ियों की डिलीवरी लेने के लिए शोरूम पर भीड़ उमड़ पड़ी। इस बार बदायूं में बाइक का करीब पांच करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।
सोने, चांदी और बरतनों की दुकानों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था।
धनतेरस को लेकर बाजार में काफी भीड़ रही। भीड़ का यह आलम था कि तिल रखने तक की जगह न थी। मेन रोड और बाजार में पूरे दिन भीड़ रही। भीड़ के चलते शहर की सड़कों पर कई-कई बार जाम लगा। इससे लोगों को परेशानियां उठानी पड़ीं। बाजार में भीड़ के बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। ट्रैफिक व्यवस्था भी पूरी तरह लचर नजर आई।
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पिछली बार से पांच करोड़ अधिक का व्यापार
व्यापारियों से बात करने के बाद सामने आया कि पिछली बार के मुकाबले इस बार करीब पांच करोड़ अधिक का व्यापार हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि धनतेरस पर लोग पहले बर्तन और झाड़ू खरीद कर काम चला लेते थे, लेकिन अब हर बहुमूल्य खरीदने वाले काफी बढ़े हैं। इस तरह इस बार शहर में करीब 25 करोड़ का कारोबार हुआ। इसमें ज्वैलरी का करीब 15 करोड़, ऑटो बाजार का करीब पांच करोड़, इलेक्ट्रानिक सामान का करीब दो करोड़, बर्तन का डेढ़ करोड़, मूर्तियां और सिक्कों का करीब एक करोड़ एवं अन्य घरेलू सामान 50 लाख रुपये का करोबार हुआ।
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ग्रामीणों ने की सबसे अधिक बर्तनों की खरीदारी
बर्तनों की दुकानों पर अधिकतर ग्रामीण नजर आए। म्याऊं के बलवीर और सालारपुर के राम निवास ने बताया कि धनतेरस का त्योहार बर्तनों की खरीदारी कर मनाते हैं। इस दिन बर्तन घर ले जाना शुभ माना गया है।
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वाहन खरीदने को पांच माह से किया जा रहा था इंतजार
उसैहत के राधेश्याम ने बताया कि उनका लड़का पांच महीने से बाइक के लिए कह रहा था, लेकिन वह टालते आ रहे हैं।
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ज्वैलरी का है महत्व
शहर की पारुल और निक्की ने बताया कि परिवार के लोग ज्वैलरी को पहले ही इस दिन खरीदते आ रहे हैं। इस दिन जो चीज खरीदी जाती है, वह हमेशा शुभ रहती है। लोगों का ये भी मानना है कि जरूरत होने पर चीज इस दिन खरीदी जाए तो डबल फायदा होता है। इस दिन खरीद का विशेष महत्व होता है।
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