वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में डूबने से दो बच्चों की मौत
बदायूं। गर्भवती महिलाओं और मासूम बच्चों में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने को स्वास्थ्य महकमे ने बड़ी योजना बनाई है। सघन मिशन इंद्रधुनष अभियान के जरिए नौ से 17 अक्तूबर तक गर्भवती महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण होना है। अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य महकमे के अलावा 11 अन्य विभागों की मदद भी ली गई हैं।
शनिवार को जिला महिला चिकित्सालय स्थित सभागार में सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा ने पत्रकारों को बताया कि इंद्रधनुष अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं और जन्म से दो वर्ष तक के बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही पांच साल तक के बच्चों का टीकाकरण भी आवश्यकतानुसार किया जाएगा। अभियान का मेन फोकस घूमंतू परिवार, ईंट भट्ठे, दूरस्थ गांव, मजरा, पुरवा आदि क्षेत्रों में रहेगा। सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा ने बताया कि जून 2017 तक जिले में 66 प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है। इसे 2018 तक 90 प्रतिशत से अधिक बढ़ाना है। यूनीसेफ के डीएमसी डॉ. सुभाष सिंह, एसीएमओ डॉ. प्रमोद, डॉ. केके जोहरी ने आदि ने सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान के सहयोग और गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अभियान की प्रत्येक दिन बैठक कर सीएमओ समीक्षा करेंगे।
96 हजार बच्चों को लगेगा टीका सीएमओ ने बताया कि जिले में 14,138 गर्भवती महिलाएं और 1,35,505 जन्म से दो साल के बच्चे चिह्नित किए गए हैं। जिनमें जन्म से दो साल तक के लगभग 95,881 बच्चों का टीकाकरण किया जाना है। उन्होंने कहा कि टीका लगने से रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। टीका लगने के बाद बच्चे को बुखार आ सकता है। उससे घबराने की जरूरत नहीं है। अभियान के दौरान नौ से 17 अक्तूबर तक एएनएम, आंगनबाड़ी वर्कर और आशाएं नियमित रूप से ड्यूटी पर रहेंगी।
रैली निकालकर किया गया जागरूक
बदायूं। शनिवार को रैली के माध्यम से स्कूली बच्चों ने टीकाकरण संबंधित नारे लगाकर लोगों को मिशन में शामिल होने का आह्वान किया। रैली को सीडीओ शेषमणी पांडे, सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।