उझानी (बदायूं)।
करीब दो महीने से बिना डॉक्टर के चल रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से डॉ. राजकुमार गंगवार को अटैच कर दिया गया है। अफसर नींद से उस वक्त जागे जब डेढ़ महीने में आठ लोगों की मौत हो गई।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कछला पर चिकित्सकीय सुविधाओं को लेकर काफी समय से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता रहा है। डॉ दिनेश शर्मा के सेवानिवृत्त होने के बाद से हालात ज्यादा खराब हो गए। पिछले महीने बुखार का प्रकोप बढ़ना शुरू हुआ तो भी अफसरों ने हकीकत पर गौर करने की जरूरत नहीं समझी। डेढ़ महीने के अंदर कछला की संगीता और कुंवरपाल, रफानीनगला के बबलू, सरौता गांव की मीरा के साथ ही दो दिन पहले पालपुर में अमरसिंह की 13 वर्षीय बेटी पिंकी, कौतलनगला के वीरेंद्र कश्यप के 10 वर्षीय बेटे शिवम और बक्सर गांव की वृद्धा प्रेमवती की मौत हो गई।
ऐसा भी नहीं कि विभाग के अफसरों को इलाके में निरंतर हो रही मौतों की जानकारी नहीं हो, सबकुछ संज्ञान में होने के बाद भी कटरी से जुड़े प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को डॉक्टरविहीन रखा गया। इसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक एमबी सिंह ने बताया कि उन्होंने सीएमओ से बात कर कछला पीएचसी पर डॉ. राजकुमार गंगवार को अटैच्ड कर दिया है। नई तैनाती तक डॉ. गंगवार नियमित कछला पहुंचेंगे।
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एक रुपये के सिक्के से पर्चा नहीं बनाते कर्मचारी
उझानी। कछला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को एक रुपये के सिक्के को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कसबे की सुखदेवी पत्नी संजय कुमार तीन दिन पहले बेटे को बुखार की दवा दिलाने के लिए अस्पताल पहुंची तो कर्मचारी ने पर्चा बनाने के लिए एक रुपये का सिक्का लेने से इंकार कर दिया। सुखदेवी घर से नोट लेकर पहुंची तो उसके बेटे का पर्चा बना दिया गया।