बदायूं। छंटनी के विरोध में हटाए गए संविदा कर्मियों के साथ कार्यरत कर्मी भी एकजुट हो गए हैं। इसके चलते 900 संविदाकर्मी बुधवार को लखनऊ स्थित एमडी कार्यालय पर धरना देने रवाना हो गए। बदायूं के चार लाख उपभोक्ताओं एवं 56 उपकेंद्रों की बिजली व्यवस्था अब महज 100 संविदा कर्मियों के हवाले रह गई है। ऐसे में अगर कोई बड़ा फॉल्ट होता है तो उसे कब तक ठीक किया जा सकेगा, कुछ नहीं कहा जा सकता।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी ने गत दिनों एक आदेश जारी कर 55 साल की उम्र पार कर चुके कुशल व अकुशल संविदा कर्मियों की छंटनी करने का आदेश दिया है। वहीं दूसरी ओर कार्यदायी संस्था का ठेका भी समाप्त हो गया। बदायूं में भी 269 संविदा कर्मचारियों को छंटनी में हटा दिया गया है।
पिछले कई दिन से संविदा कर्मियों में विद्युत वितरण निगम के खिलाफ आक्रोश पनप रहा था। संविदा कर्मियों ने पुन: कार्य पर लौटाने की मांग करते हुए विरोध सभा करना शुरू कर दी। मांग पूरी न होने पर छह फरवरी को लखनऊ स्थित एमडी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी। कोई सुनवाई न होने पर संविदा कर्मी लामबंद हो गए।
बुधवार को जिले के 56 उपकेंद्रों पर विरोध सभा करने के बाद 900 संविदा कर्मचारी लखनऊ के लिए रवाना हो गए। इतनी बड़ी संख्या में संविदा कर्मियों के लखनऊ रवाना होने से बिजली व्यवस्था को सुचारू रखना अधिकारियों के लिए चुनौती बन गया है। इसका खामियाजा जिले के उपभोक्ताओं को उठाना पड़ सकता है। संघ के जिलाध्यक्ष ठाकुर धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया बुधवार को जिले से 900 से अधिक कर्मचारी एमडी कार्यालय पर सत्याग्रह करने के लिए लखनऊ रवाना हुए है।
उपकेंद्रों पर विरोध सभा, विधायकों को सौंपा ज्ञापन
बदायूं। बुधवार को जिले के 56 उपकेंद्रों पर हटाए गए संविदा कर्मचारियों ने विरोध सभा की। सरकार एवं ऊर्जा प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। हटाए गए संविदा कर्मचारियों को पुनः कार्य पर रखने की मांग की गई। कर्मचारियों ने किसान, सामाजिक संगठनों से समर्थन की अपील की है। वहीं, जिला उपाध्यक्ष राजीव के नेतृत्व में कर्मचारियों ने दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह एवं सहसवान विधायक बृजेश यादव को ज्ञापन सौंपकर हटाए कर्मचारियों को बहाल करने की मांग की।
विरोध सभाओं में हर्षवर्धन, हरीश चंद्र यादव, प्रेमपाल प्रजापति, अभय यादव, जापान सिंह, विपिन कुमार, मुसब्बिर अली सिद्दीकी, अवध पटेल, प्रमोद मिश्रा, सुरेश चंद्र पाल, श्री कृष्णा, टीटू पटेल, विवेक शर्मा, सत्यपाल शर्मा, अनिल पाल, राम प्रकाश भारती, सोहनलाल, अनिल कुमार मौजूद रहे। संवाद
जिले में रोजाना होते हैं 100 से 150 फॉल्ट, कैसे संभलेगी स्थिति
बदायूं। जिले में कुल 1015 संविदाकर्मी हैं। इनमें से 269 कर्मचारियों को हटा दिया गया है, जबकि जिले के चारों विद्युत वितरण खंड में 56 उपकेंद्र है। ऐसे में महज 100 कर्मचारियों के हवाले ही 56 उपकेंद्रों की बिजली व्यवस्था रहेगी। वैसे तो प्रत्येक पर उपकेंद्र पर एक परिचालक (एसएसओ) और दो लाइनमैन छोड़े गए हैं, ताकि बिजली व्यवस्था सुचारू रहे, लेकिन जिले में रोजाना 100 से 150 फॉल्ट होते हैं। ऐसे में दो लाइनमैन के हवाले बिजली व्यवस्था कैसे सुचारू रह सकती है। यह बड़ा सवाल है। अगर कोई बड़ा फॉल्ट होता है तो पूरी बिजली व्यवस्था चरमरा सकती है। उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। संवाद
बिसौली विद्युत उपकेंद्र पर प्रदर्शन करते संविदा कर्मी। स्रोत-स्वयं- फोटो : mathura