मेडिकल कॉलेज में ईको कार्डियोग्राफी शुरू
अब बरेली नहीं भाग रहे मरीज, शहर के नजदीक मिल रही सुविधा अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। हृदय रोगियों के लिए यह अच्छी खबर है। अब शहर के नजदीक मेडिकल कॉलेज में ईको कार्डियोग्राफी शुरू हो गई है। अब तक इस सुविधा के लिए हृदय रोगियों को बरेली भागना पड़ता था।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में ईको कार्डियोग्राफी मशीन तो काफी समय पहले आ गई थी लेकिन वहां कोई हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं था। इससे मशीन का उपयोग नहीं हो पा रहा था। मरीजों को बरेली भागना नहीं पड़े और उन्हें यहीं ईको कार्डियोग्राफी की सुविधा मिल सके, इसके लिए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह ने सीएमओ को एक पत्र लिखा। उन्होंने मांग की कि डॉ. गीतेश गोविल को दो दिन मेडिकल कॉलेज में अपनी सुविधा देने के लिए निर्देशित करें। इसके बाद अब डॉ. गीतेश गोविल सप्ताह मेंमंगलवार और गुरुवार को मेडिकल कॉलेज में मरीजों को देख रहे हैं। इससे ईको कार्डियोग्राफी मशीन भी सुचारू हो गई है। यहां बता दें कि ईको कार्डियोग्राफी मेडिकल कॉलेज के अलावा बदायूं जिले में कहीं नहीं है। पहली बार जिले में हृदय रोगियों को यह सुविधा मिली है। अब तक मरीज इसके लिए बरेली जाते थे। जहां मरीजों को ईको कार्डियोग्राफी कराने पर दो से तीन हजार रुपये तक शुल्क देना पड़ता था परंतु यहां यह सिर्फ दो सौ रुपये देने पड़ रहे हैं।
जाड़े में बढ़ी मरीजों की संख्या
गर्मी की अपेक्षा जाड़े में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अगस्त माह में 315 हृदय रोगियों ने इलाज कराया था। सितंबर में 358, अक्तूबर में 455, नवंबर में 560 मरीजों ने जिला अस्पताल पहुंचकर दवा ली। इसी तरह 40 से 50 तक मरीज मेडिकल कॉलेज भी पहुंच रहे हैं।
पहली बार बदायूं में ईको कार्डियोग्राफी की सुविधा शुरू हुई है। हृदय रोगियों के लिए यह जांच बहुत जरूरी होती है। ईसीजी से सिर्फ दिल की धड़कन का पता चलता है लेकिन ईको कार्डियोग्राफी से दिल की प्रत्येक गतिविधि के बारे में पता चल जाता है। इससे बीमारी स्पष्ट रूप से पता चल जाती है और मरीज का सही से इलाज होता है।
-डॉ. गीतेश गोविल, कार्डियोलॉजिस्ट, जिला अस्पताल