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काम की तलाश में घर से निकले शाहजहांपुर के युवक की सफर में टूटी जिदगी की डोर

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फोटो- 30 बीडीएनयूजेएचपीएच-01
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युवक की सफर में
टूटी जिंदगी की डोर
शव को ढाबे पर छोड़कर निकल गया रोडवेज बस का परिचालक
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)। काम की तलाश में अलीगढ़ गए शाहजहांपुर के युवक की घर लौटते समय रोडवेज बस में मौत हो गई। सफर में कासगंज जिले में सोरों के पास उसकी हालत बिगड़ गई थी लेकिन बस के चालक और परिचालक ने रास्ते में रुककर उसे किसी क्लीनिक पर दिखाने की जरूरत महसूस नहीं की। यही नहीं, सीट पर ही उसके बेहोश हो जाने पर परिचालक उसे छतुइया के रेल फाटक के नजदीक एक ढाबे के पास लिटा कर चला गया।
सफर में मौत का मामला शुक्रवार तड़के का है। रोडवेज बस के परिचालक ने बेहोशी की हालत में युवक को जमीन पर लिटाया तो पास के ढाबे के नौकर ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर शव सामुदायिक केंद्र पर पहुंचाया। मृतक के पास मिले मोबाइल से नंबर तलाशने के बाद उसके बारे में विस्तृत जानकारी भी हासिल हो गई। वह शाहजहांपुर जिले में सदर कोतवाली के मोहल्ला जियाखेल निवासी रामनिवास शर्मा (30) पुत्र रामनिवास पिछले कई महीनों से बरेली के संजयनगर इलाके में किराये के मकान में रहता था। कुछ दिन उसने बरेली में काम किया लेकिन बाद में उसने अलीगढ़ में किसी ऐसे काम की तलाश शुरू कर दी जो उसकी आजीविका चलाने में मददगार साबित हो।
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बरेली से मृतक की पत्नी प्रियंका के साथ अस्पताल पहुंचे उसके ममेरे भाई सुनील ने बताया कि उसे अलीगढ़ में कोई काम नहीं मिला, यह बात उसने प्रियंका को गुरुवार शाम को ही बता दी थी। रामनिवास बीमार भी नहीं था। पुलिस की मानें तो उसे सफर में हार्ट अटैक पड़ गया था। उधर, एक सवारी ने ढाबे के नौकर के लिए यह जरूर बताया कि इस यात्री को कासगंज जिले में सोरों के पास से परेशानी शुरू हो गई थी। रास्ते में उसे किसी क्लीनिक पर ले जाकर ट्रीटमेंट कराया जाता तो वह बच सकता था। बस के परिचालक की संवेदनशून्यता की लोगों में चर्चा भी रही। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराके शव उसके परिजनों के हवाले कर दिया है।
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