उझानी (बदायूं)। कासगंज से दोस्तों के साथ गंगा स्नान के लिए कछला गंगाघाट पर पहुंचे नौ युवकों में चार डूब गए। साथियों ने शोर मचाया तो दुकानदार ने समय रहते गोताखोरों को बुला लिया। सात-आठ गोताखोरों ने एक साथ गंगा में कूद कर चारों युवकों को सकुशल बाहर निकाल लिया। इस लेकर घाट पर काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा।
हादसा कछला गंगाघाट पर बुधवार पूर्वाह्न में दक्षिणी छोर पर हुआ। कासगंज की सूत मंडी निवासी नौ युवकों की टोली गंगा स्नान के लिए पहुंची। युवकों की टोली के साथ दो-तीन के परिजन भी साथ थे। गंगा में नहाते समय ही कमलेश (21), दीपक (23), गुड्डू (18) और उसका दोस्त 17 वर्षीय सोनू गहरे में चले गए। हालांकि घाट पर मौजूद दो लोगों ने जल का प्रवाह अधिक बताते हुए उन्हें किनारे पर ही रहने की सलाह दी लेकिन युवक रुके नही। उसी दौरान सोनू डूबने लगा तो उसे बचाने के लिए दीपक भी बढ़ गया। चारों युवकों को एक साथ डूबता देख दुकानदार राजेश गुप्ता ने गोताखोरों को बुला लिया। गोताखोरों की संख्या भी सात-आठ रही। उन्होंने गंगा में कूद कर करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद चारों को सकुशल बाहर निकाल लिया। सूचना के बाद तब तक उनके घरवाले भी कछला आ गए। डूबने से बचे युवकों में सोनू की माने तो काफी देर तक पुलिस भी नहीं आई थी।
फिर उठी स्थायी गोताखोरों की मांग
उझानी। कछला में गंगा नहाने के लिए बदायूं और आसपास जिलों के अलावा राजस्थान और मध्यप्रदेश से भी श्रद्धालु पहुंचते रहते हैं। अब तो स्नान पर्व के अलावा भी रोजाना ही श्रद्धालुओं की संख्या नजर आती है। पिछले स्नान पर्वों पर राजस्थान, मध्यप्रदेश के अलावा फिरोजाबाद और आगरा के आठ-नौ युवकों की डूबने से मौत हो चुकी है। अफसर भी हकीकत को जानते हैं लेकिन गोताखोरों की स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती। वह तो गनीमत रही जो बुधवार को गोताखोर घाट के पास ही थे, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।