बदायूं। बुखार के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार गांवों में घूम रही हैं। जिले में अभी जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया के मरीज मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा की गई जांच में फैल्सीपेरम बुखार के 64 मरीज और मिले।
रविवार को जिला और ब्लाक स्तरीय टीमों ने बुखार के 192 रोगियों को उपचार किया। कुल 137 रोगियों की रक्त पट्टिकाएं बनाई गईं। कल 191 रोगियों का आरडीटी (रैपिड डायग्नोस्टिक किट) द्वारा जांच की गई। टीमों ने देखे कुल मरीजों में 17 पीवी और 64 पीएफ के चिह्नित किए गए, जिनका आरटी एवं एसीटी उपचार किया गया।
टीमों ने प्रभावित ग्रामों मे लगभग 400 क्लोरीन की गोलियों का वितरण किया। टीमों के माध्यम से बुखार के कुल 46003 और जिले के सरकारी चिकित्सालयों में स्थापित फीवर क्लीनिक के माध्यम से 43758 बुखार से पीड़ित मरीजों का उपचार किया जा चुका है। मलेरिया विभाग की टीमों ने ब्लाक आसफपुर के दबतोरी गांव में लार्वीसाइडल और ग्राम भूड़ बिसौली एवं ग्राम बरखेड़ा में फॉगिंग कराई । ग्राम भूड़ बिसौली में वैक्टर मॉनिटरिंग का कार्य भी किया गया। संक्रामक रोग नियंत्रण टीमों ने क्लोरीन गोलियों का वितरण किया। ओआरएस के पैकेट वितरित किए गए।
बुखार ने एक और जान ली
कुंवरगांव। स्वास्थ्य विभाग की कोशिशों के बावजूद बुखार लोगों को निगलता जा रहा है। जिले में बुखार से एक और मौत हो गई। अभी कई लोग बीमार हैं।
कुंवरगांव इलाके के फकीराबाद गांव निवासी चंद्रकली (62) पत्नी छोटेलाल को तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिवार वाले उनका गांव में इलाज करा रहे थे। शनिवार रात चंद्रकली की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। अस्पताल ले जाते इससे पहले चंद्रकली की मौत हो गई। इसका पता लगने पर गांव वाले दहशत में आ गए। ब्यूरो